कीर्ति फाउंडेशन द्वारा आजादी का महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
डीके श्रीवास्तव

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस’ के अवसर पर कीर्ति फाउंडेशन द्वारा कल्याणपुर, लखनऊ स्थित कार्यालय पर आजादी का महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. कीर्ति पाण्डेय जी के द्वारा झंडारोहण कर किया गया तथा तिरंगे के सम्मान मे फाउंडेशन के सभी उपस्थित सदस्यो, आगन्तुको एवं बच्चो द्वारा राष्ट्र-गान गाया गया।
फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत दयाशंकर त्रिपाठी एडवोकेट उच्च न्यायालय, लखनऊ द्वारा आजादी के पर्व को महोत्सव के रूप में मनाने के उद्देश्य और आजादी की लड़ाई में अपने प्राण बलिदान करने वाले भगत सिंह जैसे शहीदों के द्वारा देश के लिए किये गए योगदान को विस्तार से बताया गया।
फाउंडेशन द्वारा नियमित रूप से लगाये जा रहे शिक्षण कैंप में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे झुग्गी-झोपड़ी के निर्धन बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये जिसमें लक्ष्मी का नृत्य, माया का कविता पाठ व भाषण सर्वोत्तम रहा। इसके अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों ने भी कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें माधुर्य का नृत्य, अर्पित व कृष्णा का कविता पाठ उत्तम रहा।
इसके अतिरिक्त सभी उपस्थित बच्चो को कुछ एक्टिविटीज भी कराई गई, जिसमें फ्रीडम ट्री पर बच्चों को अपने सपनों व अपना नाम लिखकर चिपकाना था जिससे आज के दिन बच्चे यह संकल्प ले सके की अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी है। इस एक्टिविटी के माध्यम से बच्चों को यह संकल्प दिलाया गया कि उन्हें शिक्षा केवल अपने स्वार्थ के लिए नहीं प्राप्त करनी है बल्कि समाज और देश सेवा के लिए जीवन का समर्पण ही शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है।
फाउंडेशन के सदस्यो द्वारा देशभक्ति व वीर रस से ओतप्रोत कविताओ का पाठ किया गया। वन्देमातरम व जय हिंद जैसे देशभक्ति के नारो से परिसर गूँज उठा।कार्यक्रम मे फाउंडेशन द्वारा सभी सदस्यो, आगन्तुको व बच्चो के लिए अल्पाहार का आयोजन भी किया गया। सभी बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उन्हें शिक्षण सामग्री भेंट की गई।
इस अवसर पर उपस्थित हुए सभी सम्मानित अतिथिगण और सदस्यों का फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. कीर्ति पाण्डेय द्वारा धन्यवाद व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया गया।मिठाइयां व शिक्षण सामग्री पाकर कार्यक्रम मे आये सभी बच्चो के चेहरे खिलखिला उठे।