एकेडमिक रिसोर्स पर्सन ने की जनगणना कार्य से मुक्ति की माँग
दिया बीएसए और उप शिक्षा निदेशक/ डाइट प्राचार्य आगरा को ज्ञापन

आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत एआरपी संघ एकेडमिक रिसोर्स पर्सन एसोसिएशन उ० प्र० की जनपद इकाई आगरा ने जनगणना कार्य से मुक्ति के लिए उप शिक्षा निदेशक/डाइट प्राचार्य और बीएसए आगरा को मण्डल संयोजक विजयपाल नरवार के नेतृत्व में ज्ञापन दिया।
संघ का कहना है कि जनगणना कार्य दो चरणों में होना है। पहला चरण अप्रैल से लेकर 30 सितम्बर 2026 तक चलेगा वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 से चलेगा। उनका कहना है कि एआरपी का कार्य परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों का ऑनसाइट शैक्षिक सपोर्ट एवं रचनात्मक फीडबैक प्रदान करने हेतु छात्र छात्राओं में अपेक्षित लर्निंग आउटकम की प्राप्ति सुनिश्चित करना है। जिसके लिए वर्षभर एआरपी की डाइट से लेकर सीमैट प्रयागराज में प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी रहती है तथा ब्लॉक स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम चलते रहते हैं।
एआरपी संघ के मण्डल संयोजक विजयपाल नरवार का कहना है कि अधिकांश एआरपी अपने मूल ब्लॉक से इतर अन्य ब्लॉक में कार्यरत हैं और जनगणना डयूटी उनके मूल विद्यालय वाले ब्लॉक में लगी है इसलिए जनगणना कार्य एवं एआरपी कार्य को एकसाथ कर पाना सम्भव नहीं है।
संघ के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी का कहना है कि एआरपी की जनगणना में ड्यूटी लगाई जाती है तो भारत सरकार का महत्वपूर्ण निपुण भारत कार्यक्रम एवं अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ विद्यालय एवं छात्र हित में अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधा उत्पन्न होना स्वाभाविक है। निश्चित रूप से शैक्षिक सपोर्ट एवं शैक्षिक गुणवत्ता उन्नयन का कार्य प्रभावित होना तय है।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से विजयपाल नरवार, धर्मेन्द्र सिंह, जयप्रकाश चौधरी, विनोद सिकरवार, रवि राही, नागेन्द्र उपाध्याय, अनिरुद्ध कुमार, मनीराम, जितेन्द्र सिंह, बृजेश शर्मा, दिव्या रावत, अंजू रावत, रविन्द्र इंदौलिया आदि शामिल हुए।



