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समाजसेवी डॉ. विजय किशोर बंसल की माताजी श्रीमती इंद्रा बंसल का निधन, सामाजिक जगत में शोक

आगरा। शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं उद्योगपति डॉ. विजय किशोर बंसल की माताजी श्रीमती इंद्रा बंसल का रविवार प्रातः निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने विजय नगर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

शाम को ताजगंज विद्युत शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें परिवारजनों, रिश्तेदारों, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सोमवार को सूर्य नगर, खंदारी स्थित समाधि पार्क में आयोजित उठावनी सभा में भी बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की
श्रीमती इंद्रा बंसल सरल, धार्मिक एवं संस्कारवान व्यक्तित्व की धनी थीं। उन्होंने सदैव पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता एवं सेवा भाव को प्राथमिकता दी। उनका जीवन सादगी, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण रहा। काफ़ी लम्बे समय तक संघ से भी उनका जुड़ाव रहा जिसके चलते सामाजिक और धार्मिक कर्मों में उनका रुझान बढ़ता चला गया।

धार्मिक प्रवृत्ति के साथ-साथ वह समाज के लोगों के सुख-दुख में भी सदैव सहभागी रहती थीं। पड़ोस एवं परिचितों के बीच उन्हें अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। उनके सौम्य व्यवहार, अपनत्व एवं स्नेहपूर्ण व्यक्तित्व ने सभी को प्रभावित किया।

डॉ. विजय किशोर बंसल लंबे समय से सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। केला देवी क्षेत्र में धर्मशाला निर्माण, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विद्यालयों को सहयोग तथा विभिन्न गौशालाओं के संचालन एवं सेवा कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परिवार के निकटस्थ लोगों का कहना है कि समाजसेवा की प्रेरणा उन्हें अपनी माताजी से ही प्राप्त हुई थी।

शोक संतप्त परिवार में पति गिरिराज किशोर बंसल, पुत्र डॉ. विजय किशोर बंसल एवं पुत्रवधू डॉली बंसल, पुत्रियां पूनम अग्रवाल एवं अनिल अग्रवाल, ऋतु प्रकाश एवं आनंद प्रकाश तथा रेखा अग्रवाल एवं संजय अग्रवाल शामिल हैं।

शहर के अनेक सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडलों एवं गणमान्य नागरिकों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि श्रीमती इंद्रा बंसल का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके संस्कार, स्नेह एवं शांत व्यक्तित्व की स्मृतियां सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेंगी।

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