
2 नवम्बर 2025 भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ साथ देश के लिए भी ऐतिहसिक उपलब्धि हासिल करने की तारीख बन गई है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व महिला क्रिकेट कप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ़्रीका को 52 रनों से हराकर आई सी सी महिला क्रिकेट विश्व कप जीतकर ट्राफी अपने नाम कर ली। सभी देशवासियों के लिए यह असीमित आनन्द एवं गर्व का क्षण था। आई सी सी द्वारा महिला क्रिकेट विश्व कप चैम्पियनशिप का आयोजन 1973 से किया जा रहा है परन्तु 52 वर्षों के लम्बे इन्तजार के बाद इस बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप जीतने में सफलता पाई। यही कारण है कि यह क्षण और यह उपलब्धि देश के सभी क्रिकेट प्रेमियों और नागरिकों के लिए बेहद खूबसूरत, खास एवं महत्वपूर्ण है। यह अवसर देश एवं भारतीय क्रिकेट के लिए इतना अधिक महत्वपूर्ण था कि इस पल के गवाह बनने के लिए आई सी सी प्रमुख जय शाह, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सभी पदाधिकारियों के साथ साथ अनेकों पूर्व महिला एवं पुरूष खिलाड़ी मैदान पर मौजूद थे। नवी मुम्बई का स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था और क्रिकेट में थोड़ी भी रूचि रखने वाले हर घर में देर रात तक टीवी के सामने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप जीतने और कप्तान हरमनप्रीत कौर को कप उठाते देखने के लिए बैठे रहे। देश में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस उपलब्धि के लिए उत्साह एवं आनन्द का यह जुनून ऐतिहसिक और अभूतपूर्व है। मेरे पास भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई देने एवं अपनी ख़ुशी की अभिव्यक्ति के लिए कोई शब्द नहीं हैं।
अब तक 1973 से आई सी सी के द्वारा तेरह महिला विश्व कप आयोजित किए गए हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप के तेरहवें संस्करण में चैम्पियनशिप जीतकर ट्राफी भारत के नाम करने में सफलता पाई है। इसके पहले भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम दो बार 2005 और 2017 में फाइनल तक पहुंची थी परन्तु खि़ताब जीतने में असफल रही थी। अब तक विश्व की तीन देशों की टीम ही महिला विश्व कप जीतने में सफल रही थीं। इनमें आस्ट्रेलिया ने सात बार, इंग्लैंड ने चार बार और न्यूज़ीलैण्ड ने एक बार ट्राफी अपने नाम की। अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम भी इस सूची में शामिल हो गई है। यही कारण है कि महिला क्रिकेट विश्व कप चैम्पियनशिप प्रारम्भ के समय पूर्व विजेता आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को ही विश्व कप जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लीग मैचों के प्रदर्शन के परिणामस्वरूप प्ले आफ में आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहकर क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुमान को सही ही साबित किया। दक्षिण अफ़्रीका तीसरे और भारत चतुर्थ स्थान पर रहा। अब लोगों का यह विश्वास और मजबूत हो गया कि विश्व कप परंपरा के अनुसार आस्ट्रेलिया या इंग्लैंड ही जीतेगा परन्तु विधाता ने कुछ अलग और नया ही सोच रखा था। सेमी फाइनल के मुकाबलों ने 2025 महिला विश्व कप की तस्वीर ही बदल दी। पहले सेमी फाइनल में दक्षिण अफ़्रीका ने इंग्लैंड को करारी शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई। दूसरे सेमी फाइनल में भारत ने कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा की नाबाद शतकीय पारी के बल पर 339 रनों के विशाल लक्ष्य को हासिल कर पूर्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया को पांच विकेट से मात दी और फाइनल में दक्षिण अफ़्रीका के साथ खेलने का मार्ग प्रशस्त किया। अब यह तय हो चुका था कि महिला क्रिकेट विश्व कप चैम्पियनशिप इस बार कोई नई टीम ही जीतेगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिस तरह सेमी फाइनल में आस्ट्रेलिया को पराजित किया और लीग मैच में तीन विकेट से मिली हार का बदला लिया, उससे भारतीय टीम के समर्थकों में यह विश्वास और मजबूत हुआ कि भारत इस बार विश्व कप विजेता बनकर ट्राफी अपने नाम कर सकता है।
दक्षिण अफ़्रीका से फाइनल खेलने में भारत के सामने दो बड़ी चुनौतियांँ थी जिनसे निपटना अत्यन्त जरूरी था। पहली चुनौती चोटिल प्रतिका रावल के स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में शेफाली वर्मा के प्रदर्शन की थी जो सेमी फाइनल में असफल रही थीं। शेफाली विश्व कप के लिए चयनित भारतीय टीम में भी नहीं थीं। प्रतिका रावल ने पूरे विश्व कप में अब तक बेहतरीन प्रदर्शन किया था, अतः चोट के चलते उनका प्ले आफ में टीम से बाहर होना और शेफाली का उसी लय में टीम से जुड़कर प्रदर्शन करना आसान नहीं था। शेफाली ने फाइनल में 87 रन की लाजवाब पारी खेलकर और स्मृति मन्धाना के साथ ओपनिंग में शतकीय साझेदारी कर अपना दायित्व बखूबी निभाया और भारत को एक सम्मानजनक लक्ष्य दक्षिण अफ़्रीका के सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। यही नहीं उन्होंने काफी किफायती बालिंग कर दो महत्वपूर्ण विकेट भी झटके। दूसरी चुनौती दक्षिण अफ़्रीका की कप्तान लोरा वाल्डऱट की बैटिंग फार्म को लेकर थी जिन्होंने सेमी फाइनल में अपने बलबूते शतकीय पारी खेलकर इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को 152 रनों से हराकर फाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया था। यही नहीं लोरा वाल्डरट बेहतरीन फार्म के चलते विश्व कप 2025 की टाप स्कोरर थीं और लगभग 500 रन फाइनल खेलने से पहले बना चुकी थीं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप जीतने के लिए उन्हें रोकना बड़ी चुनौती थी। हम सबने देखा कि कल के फाइनल मैच में भी शतक लगाया और जब तक वे खेल रही थीं तब तक दक्षिण अफ़्रीका बराबरी पर थी और भारतीय समर्थक एवं टीम के सदस्य इस बात से अवगत थे कि यदि लोरा का विकेट जल्दी न गिरा और वे आखिर तक खेलीं तो मैच भारत के हाथ से फिसल भी सकता है। शतक पूरा करने के बाद जब वो अधिक आक्रामक खेल सकती थीं, उसी मौके पर लोरा वाल्डरट का विकेट दीप्ति शर्मा ने लेकर मैच भारत के पक्ष में मोड़ दिया। मेरे विचार से फाइनल के मैच में यह एक टर्निंग प्वाइंट था जिसने भारत के फाइनल जीतने को औपचारिकता बना दिया और दक्षिण अफ़्रीका 246 रन पर आल आउट होकर 52 रनों से भारत से हार गई। लोरा का विकेट न गिरने तक जो टीम बराबर की टक्कर देती दिख रही थी, वह लोरा का विकेट गिरने के बाद पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और 46वें ओवर में ही निपट गई। दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लेकर दक्षिण अफ़्रीका को निपटाने में अहम योगदान दिया। दीप्ति ने 58 रनों की पारी खेलकर भारत के 298 रनों तक पहुंचने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शेफाली वर्मा को उनके उत्तम प्रदर्शन के लिए प्लेयर आफ द मैच घोषित किया गया। दीप्ति शर्मा को विश्व कप में बैट और गेंद दोनों से बेहतरीन आल राउन्ड प्रदर्शन के लिए प्लेयर आफ द टूर्नामेंट के खि़ताब से सम्मानित किया गया। दीप्ति शर्मा ने पूरे विश्व कप में अधिकतम 22 विकेट लिए और 215 रन भी बेहतरीन स्ट्राइक रेट से बनाए। दीप्ति शर्मा महिला क्रिकेट विश्व कप के इतिहास में पहली महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक प्रतियोगिता में 20+ विकेट लेने और 200+ रन बनाने का कारनामा किया।
आई सी सी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में जहां भारत के रूप में नया चैम्पियन विश्व को मिला वहीं दक्षिण अफ़्रीका के रूप में भी एक मजबूत टीम नए रूप में सामने आई जिसने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को सेमी फाइनल में करारी शिकस्त देकर विश्व कप के इतिहास में पहली बार फाइनल में जगह बनाई।दक्षिण अफ़्रीका की कप्तान लोरा वाल्डरट का विश्व कप में अधिकतम लगभग 580 रन बनाना भी दक्षिण अफ़्रीका के लिए विशेष उपलब्धि रही। भारत के लिए यह विश्व कप चैम्पियनशिप जीतने के साथ साथ अनेक मायनों में उपलब्धियों वाला रहा। स्मृति मन्धाना और प्रतिका रावल के रूप में बेहतरीन सलामी बल्लेबाज जोड़ी सामने आई।इन दोनों ने भारत की तरफ़ से अधिकतम रन भी बनाए। दीप्ति शर्मा का आल राउन्ड प्रदर्शन लाजवाब रहा और टीम की एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में टीम को विश्व विजेता बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। ऋचा घोष ने भी अपनी शैली के अनुरूप मौका मिलने पर आक्रामक प्रदर्शन करके सभी को प्रभावित किया। दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ लीग मैच में तो ऋचा ने तब 96रनों की बेहतरीन पारी खेली जब जल्दी विकेट गिर जाने पर भारतीय टीम संकट में थी। भारतीय टीम की नई एवं युवा खिलाड़ी श्रीचरणी ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से स्पिन गेंदबाजी कर बेहद किफायती एवं सफल गेंदबाज़ के रूप में सभी का ध्यान आकर्षित किया। कल फाइनल मैच में भी श्रीचरणी ने दस ओवरों में मात्र 39 रन देकर एक विकेट लिया। कप्तान हरमनप्रीत के लिए विश्व कप अपनी कप्तानी में जीतना एक ऐतिहासिक एवं यादगार पल रहा परन्तु बल्ले से वो अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं। सेमी फाइनल में उन्होंने जरूरत के समय अवश्य 89 रनों की जिम्मेदारी भरी पारी खेली परन्तु एक नाज़ुक मोड़ पर लापरवाही भरा शाट खेलकर आउट हो गई जिसने जेमिमा सहित आगे के बल्लेबाजों पर दबाब बढ़ा दिया। फिर भी यह कहा जा सकता है कि भारतीय टीम ने विश्व कप में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया और सभी खिलाड़ियों ने अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन करते हुए अपने मुकाम को हासिल किया और भारत को महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता बनाया। भारत ने लीग मैचों में तीन मैच लगातार जरूर हारे लेकिन उन मैंचों में भी भारत ने उम्दा प्रदर्शन के बाद भी अन्तिम क्षणों में अच्छी तरह से मैच फ़िनिश न कर पाने की कमजोरी के चलते मैच गंवा दिए। इंग्लैंड के खिलाफ तो जीत की दहलीज़ पर पहुंचकर 4 रन से मैच गंवा दिया था। इसी तरह आस्ट्रेलिया एवं दक्षिण अफ़्रीका से भी मैच अन्तिम क्षणों में विकट न ले पाने के कारण तीन तीन विकेट से गंवाने पड़े। भारतीय टीम ने अपनी इस कमजोरी पर काबू पाकर सेमी फाइनल में आस्ट्रेलिया और फाइनल में दक्षिण अफ़्रीका को हराकर विश्व कप पर अपने नाम किया। हम उम्मीद कर सकते हैं कि भविष्य में भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम सफलता की नई ऊचाइयों को प्राप्त करेगी।
महिला क्रिकेट विश्व की 2025 का एक और ऐसा पक्ष है जिस पर आई सी सी एवं आयोजकों को भविष्य में ध्यान देना चाहिए। विश्व कप जैसी अन्तर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में बारिश के कारण इतने अधिक मैचों का रद्द होना और कोई निर्णय न निकलना चिन्ता का विषय है। इससे प्रभावित टीमों के साथ न्याय नहीं हो पाता। इस विश्व कप में ही श्रीलंका,न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के तीन तीन मैच रद्द हो जाने से यह टीमें बिना लड़ने का मौका पाए ही प्ले आफ की दौड़ से बाहर हो गईं। यदि सभी मैचों का परिणाम निकलता तो विश्व कप और अधिक रोमांचक होता और सभी को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन का समान अवसर भी मिलता। अधिकांशतः वही मैच रद्द हुए और बेनतीजा रहे जो श्रीलंका में खेले जाने थे। भविष्य में आई सी सी को इस बात को लेकर सतर्क रहना चाहिए कि मैचों के आयोजन ऐसी जगहों पर करने से बचा जाय जहाँ मौसम की अनिश्चितता मैचों के आयोजन में खलल डाले। इससे विश्व कप चैम्पियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं की लोकप्रियता और स्वीकार्यता में और वृद्धि होगी।



