उत्तर प्रदेशलखनऊ

समाज के लिए सार्थक शैक्षणिक सुझाव

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल शिक्षिका भी रही हैं। गुजरात में मंत्री और मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने शैक्षणिक सरोकारों से अपने को जोड़े रखा। राज्यपाल के रूप में भी वह शिक्षकों विद्यार्थियों और अभिभावकों से संबंधित प्रेरणादायक सुझाव देती है। राजभवन में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबंधित कार्यक्रम था। इसमें भी राज्यपाल ने सार्थक सुझाव दिए। इसे समाज के लिए एक संदेश के रूप में देखना चाहिए। राज्यपाल ने गुजरात के अपने अनुभव साझा किए। बताया कि दसवीं एवं बारहवीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के पश्चात कुछ छात्र असफलता के कारण आत्महत्या जैसे विचारों से ग्रस्त हो गए थे। उन्होंने स्वयं विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से संवाद कर उत्तर पुस्तिकाएं मंगवाईं, जिनमें कई स्थानों पर कुछ भी लिखा नहीं था। उन्होंने अभिभावकों को विद्यालय जाकर शिक्षकों से चर्चा करने तथा बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की सलाह दी।
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान जहाँ गलती हो, वहीं स्पष्ट रूप से अंकन किया जाना चाहिए, जिससे उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच कराने वाले विद्याथी अपनी कमियों को समझ सकें। उन्होंने अभिभावकों को भी बच्चों की शैक्षणिक स्थिति के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। बच्चों की रुचि के अनुसार विषयों का चयन एवं आवश्यक कौशल विकसित किया जाना चाहिए, क्योंकि रुचि के क्षेत्र में बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
उत्तर पुस्तिकाओं का आकलन करें कि विद्यार्थी औसतन कितने पृष्ठ लिखते हैं। उसी औसत से पृष्ठों की संख्या निर्धारित करें, इससे अनावश्यक पृष्ठों की बर्बादी रूकेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पृष्ठ उपलब्ध कराने के संबंध में भी सुझाव दिए। शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल अभियान पर भी इस कार्यक्रम में विचार हुआ।
डिजिटल इंडिया अभियान अनेक आयामों के साथ निरंतर प्रगति पर है। शिक्षा के क्षेत्र में इसको व्यापक प्रोत्साहन मिला है।
डिजिटल एग्जामिनेशन इकोसिस्टम भी इस दिशा में बड़ा कदम है। राजभवन में राज्यपाल
आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा डिजिटल एग्जामिनेशन इकोसिस्टम के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया।

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