समाज के हित में शोध और तकनीक

लखनऊ। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने चिकित्सा क्षेत्र में शोध और सेवा में प्रगति के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल साइंस में पेटेंट आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अस्पताल एवं विश्वविद्यालय का दायित्व शोध, नवाचार एवं औषधि विकास है। बार-बार होने वाली बीमारियों, सामाजिक एवं पारिवारिक स्वास्थ्य समस्याओं, दिव्यांगता, अर्ली चाइल्ड बर्थ जैसे विषयों पर गंभीर शोध किए जाने की आवश्यकता है।
आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ द्वारा नैक मूल्यांकन की तैयारी से संबंधित प्रस्तुतीकरण की समीक्षा की। इसके दृष्टिगत उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा समीपस्थ गांवों में सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन, टीबी उन्मूलन, आंगनवाड़ी किट वितरण व अन्य सामाजिक समस्याओं के निदान हेतु संबंधित शिविर आयोजित करें।
विश्वविद्यालय को विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी, स्वच्छता, जल एवं भोजन की गुणवत्ता, अपशिष्ट प्रबंधन, सोलर पैनल से होने वाले लाभों के आकलन तथा ग्रीन ओपीडी पहल के परिणामों को डाटा सहित सुव्यवस्थित करना चाहिए।



