उत्तर प्रदेशकानपुर

ब्राह्मण बनाता है समाज को जोडने का सेतु : डा दिनेश शर्मा

कानपुर के अनेक कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए डॉ दिनेश शर्मा

कानपुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री सांसद डॉ दिनेश शर्मा “भक्ति वेदांत हाल” इस्कॉन मंदिर, कानपुर में ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित “गुरु संदीपनी सम्मान, उत्तरायण–2026 समारोह” में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित विप्रजनों/विद्वतजनों को संबोधित किया। संगठन द्वारा समाज की अल्प आय वाली चालीस महिलाओं को सिलाई मशीन का वितरण किया गया। दिनेश शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण सत्य संयम और ज्ञान का प्रतीक है। ये समाज को जोडने का सेतु बनाता है। इसका कर्तव्य शिक्षा का प्रसार करना और नैतिक नेतृत्व प्रदान करना है। यह विभाजन नहीं समाधान देता है। हमेशा अन्याय का विरोध करते हुए कमजोर के साथ खडा होता है और समाज में संतुलन को बनाता है। ऐसे आयोजन किए जाने चाहिए जिससे भविष्य की पीढियों को संस्कार दिए जा सके। इस्कॉन मंदिर कानपुर में ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया संस्था द्वारा आयोजित गुरु संदीपनी सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए डा शर्मा ने कहा कि विचारों का ऐसा दीपक जलाए जो नैतिकता और विवेक पर आधारित हो तथा इसमें अंध समर्थन और अंध विरोध नहीं होना चाहिए। समय के साथ शिक्षित होकर समाज के लिए उपयोगी बने। गलत और सही के बीच का फर्क करते हुए राष्ट्र के हितचिन्तन का भाव रखना होगा। युवा को जागरूक और चरित्रवान बनाने से ही राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित हो सकता है। देश को समाज के इस वर्ग की आवश्यकता है।
सांसद ने कहा कि आज खिचडी और उत्तरायण है जब सूर्य दक्षिण से उत्तर की ओर जाता है तब उत्तराखंड में यह पर्व परंपरागत ढंग से उत्तरायणनी पर्व के रूप में मनाया जाता है। भगवान कृष्ण के गुरु संदीपन ऋषि के आश्रम में शास्त्रों,शस्त्र, संस्कार तथा राजनीति का ज्ञान भी दिया जाता था। आज तो विश्वविद्यालयों में भी शास्त्र तथा संस्कार का ज्ञान नहीं दिया जा रहा है। अब गुरु संदीपन की परम्परा को आगे बढाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण न तो डरता है और ना ही डराता है। वह किसी का बुरा नहीं चाहता है और जन्म से लेकर मृत्यु तक दूसरे के कल्याण की बात करता है। इसे मनुष्य के शरीर का मस्तिष्क भी कहा जा सकता है। इसको देवता के समान माना गया है क्योंकि यह जाति नहीं बल्कि श्रेष्ठ जीवन जीने का प्रवाह है। ये जाति धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा संवाद और संस्कार प्रदान करता है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या का प्रथम गुण विनम्रता है और इसने ही समाज के इस वर्ग को सर्वश्रेष्ठ बनाने का काम किया है। जीवन में सत्य संयम और करूणा को उतारना चाहिए। पूजा पाठ तभी कारगर होता है जब समाज में सद्भाव और नैतिकता का भाव बढेगा। शादी का उदाहरण देते हुए बताया कि इसमें भी ब्राह्मण ने समाज के हर वर्ग को अलग अलग जिम्मेदारी देते हुए जोडने का कार्य करता है।
उनका कहना था कि ब्राह्मण की शक्ति, विवेक , संतुलन , मार्गदर्शन और सत्यवचन से आती है। ये सत्ता से नहीं सत्य से जुडकर आगे बढता है। नई पीढी को शास्त्र के साथ समयबोध कराने की जरूरत है। उन्हे ब्राह्मणत्व के दायित्व बताए जाए जिससे राष्ट्र के आराधन के कर्तव्य पूरी प्रतिबद्धता पूरा कर सके।
उन्होंने कहा कि समाज का यह वर्ग शास्त्र को जिया करता है। यही वर्ग था जिसने तक्षशिला और नालन्दा को जलाने के समय में ग्रन्थों को याद करके उनका फिर से लेखन किया। धर्म अर्थ सिर्फ अनुष्ठान नहीं है बल्कि आचरण शुद्ध होना चाहिए। अच्छा आचरण समाज को सशक्त बनाता है। बच्चों को संस्कार सिखाने के साथ ही बदलते समाज के अनुरूप मनोस्थिति बदलनी होगी। शान्ति सत्य और तथ्यपरक सोंच के साथ बढनेवाला ही अपराजित रहता है।
डा शर्मा ने परिवार को सनातन का आधार बताया और कहा कि बदलते समाजिक समय में परिवार छोटे हो रहे हैं। पुराने पारिवारिक संबन्ध समाप्त हो रहे हैं। आज विदेशी भारत की सनातन संस्कृति को अपना रहे हैं जबकि हम उसे छोड रहे हैं। इन सम्बन्धों को फिर से जगाने का समय आ गया है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और कार्यक्रम के संयोजक कि दुबे ने गुरु सांदीपनी के शिक्षा विस्तार तथा गरीब ब्राह्मण वर्ग के सेवा के लिए कानपुर में एक विशाल गुरु सांदीपनि भवन( ब्राह्मण भवन) निर्माण कराए जाने की घोषणा की उन्होंने समाज की विकृतियों को दूर करते हुए युवाओं में संस्कार डालने और भारतीय रीति रिवाज और परंपराओं के रक्षक के लिए महिलाओं के साथ-साथ कर्मकांडी पुरोहितों को भी आगे आने के लिए कहा। सांसद रमेश अवस्थी ने सभी जातियों के हित के लिए कार्य करने पर जोर देते हुए भवन निर्माण में संस्था को जनता सपोर्ट सहायता दिए जाने की बात कही।इस अवसर पर माननीय सांसद श्री रमेश अवस्थी जी, पूर्व सांसद श्री सत्यदेव पचौरी जी, माo विधायक श्री सुरेंद्र मैथानी जी, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सुरेश अवस्थी जी, ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सेवानिवृत आईएएस डॉ विश्वपति त्रिवेदी जी, कार्यक्रम के आयोजक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य केo एo दुबे पद्मेश जी, राष्ट्रीय महासचिव पंडित उत्तम प्रकाश तिवारी जी, कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री एसके पालीवाल जी, श्री प्रवीन मिश्रा जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री ओमशंकर मिश्रा जी, उपाध्यक्ष श्री राकेश तिवारी जी, कोषाध्यक्ष श्री अजय मिश्रा जी, मीडिया प्रभारी आर्यश मिश्रा जी, प्रचार सचिव श्री सतीश शर्मा जी श्री राकेश ओझा जी, संयुक्त सचिव श्री हरि त्रिपाठी जी, श्री प्रेम त्रिपाठी जी, सचिव डॉक्टर किरण पांडे जी, आलोक मिश्रा शिवांग मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

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