दयालबाग शैक्षणिक संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय प्रायोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन।

आगरा। छात्रों को विज्ञान का अध्ययन व्यावहारिक दृष्टिकोण से करना चाहिए। इससे उन्हें अवधारणाओं को अधिक स्पष्टता और रुचि के साथ आसानी से सीखने में मदद मिलेगी। ये विचार भारत सरकार के सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर विभाग के संयुक्त आयुक्त श्री पल्लव सक्सेना ने व्यक्त किए। मुख्य अतिथि के रूप में वे आगरा शहर के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्रों के लिए दयालबाग शैक्षणिक संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा 15-17 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला “हमारे आसपास रसायन विज्ञान (CHARU-2026)” के समापन समारोह में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सी. पटवर्धन ने प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए रसायन विज्ञान विभाग की सराहना की और आशा व्यक्त की कि भविष्य में छात्रों के लाभ के लिए ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रायोजन से आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के चयनित प्रतिनिधि छात्रों ने भाग लिया। व्याख्यानों और प्रयोगशाला प्रदर्शनों के माध्यम से छात्रों को रसायन विज्ञान के विभिन्न सामाजिक रूप से प्रासंगिक क्षेत्रों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर प्रशिक्षित किया गया, जो देश की कई समस्याओं का समाधान करने का वादा करती हैं। इस कार्यशाला में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ ट्रॉपिकल मैट्रोलोजी – पुणे, नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन लिमिटेड, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय – दिल्ली और दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों ने व्याख्यान दिए। कार्यशाला के आयोजन में संस्थान के रसायन विज्ञान के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर रोहित श्रीवास्तव, प्रोफेसर अनीता लखानी, डॉ. पुष्पा साहनी, डॉ. सुधीर वर्मा, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. अपर्णा सत्संगी, डॉ. मंजू श्रीवास्तव, डॉ. नाज़िया सिद्दीकी, डॉ. योगिता जैन, डॉ. सचिन सक्सेना और डॉ. गुंजन गोस्वामी ने कार्यक्रम के सफलतापूर्ण आयोजन में छात्रों का मार्गदर्शन किया।



