सनातन विचार से विश्व शांति, उपमुख्यमंत्री, एम एल सी, राज्य सूचना आयुक्त संगोष्ठी में हुए सहभागी

लखनऊ। उद्यान भवन सभागार में डॉ आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के तत्वावधान में विश्व युद्ध के खतरे और बुद्ध की प्रासंगिकता पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक,सदस्य विधान परिषद लाल जी निर्मल,राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री सहित अनेक लोगों ने विचार व्यक्त किया। संयोजक अमरनाथ प्रजापति थे। इसके अलावा अनेक शिक्षाविद पत्रकार सहित बड़ी संख्या में लोग सहभागी हुए। वक्ताओं ने गौतम बुद्ध के उपदेशों का उल्लेख किया। इन्हें सम्पूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी बताया गया। मध्यपूर्व में चल रहे युद्ध पर चिंता व्यक्त की गई। ऐसे में बुद्ध के विचार पूरी तरह प्रासंगिक हैं। बुद्ध ने मन,वाणी और कर्म से सभी जीवों के प्रति करुणा का संदेश दिया। यह पंचशील का प्रथम सिद्धांत है। अहिंसा परमो धर्म: के आदर्श से युद्ध की स्थिति से बचा जा सकता है। वैश्विक समस्याओं का समाधान केवल संवाद से ही होना चाहिए। भारत के सनातन चिंतन से ही विश्व शांति संभव है। यह एक मात्र ऐसा चिंतन है जिसमें वसुधा को कुटुंब माना गया। सभी के सुख की कामना की गई। उदार चरित्र का संदेश दिया गया। करुणा का विचार केवल मानव तक सीमित नहीं रखा गया। सभी जीव जंतु और प्रकृति के प्रति भी ऐसा ही भाव होना चाहिए। दुनिया के सभी शासक इस विचार को समझें। आत्मनियंत्रण पर अमल करें,तो युद्ध नहीं होंगे।



