उत्तर प्रदेशलखनऊ

पौराणिक कथाओं की नाट्य प्रस्तुति से प्रेरणा

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

लखनऊ। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने विद्यालयों में भारतीय संस्कृति एवं पौराणिक कथाओं पर आधारित छोटे-छोटे नाटकों का मंचन का सुझाव दिया है। क्योंकि नाट्य मंचन के माध्यम से बच्चे जीवन मूल्य सहज रूप से सीखते हैं। राज्यपाल ने जुपिटर ऑडिटोरियम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में
कृष्ण राधा से रणभूमि तक’ नाट्य प्रस्तुति का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र समाज को जीवन मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। नाटक में प्रस्तुत कर्ण प्रसंग का अभिमन्यु प्रसंग की भी याद दिलाता है। कर्ण और अर्जुन दोनों भाई थे, लेकिन उनके जीवन और कर्मों में कितना बड़ा अंतर था, यह हमें जीवन की दिशा चुनने का संदेश देता है।राज्यपाल जी ने ‘कृष्णावतारम् पार्ट-1 द हार्ट (हृदयम्)’ फिल्म का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अत्यंत उत्कृष्ट फिल्म है, जिसमें श्री सत्यभामा के चरित्र को संस्कृति जयना ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। नई पीढ़ी के अनेक लोगों को यह जानकारी नहीं थी कि नरकासुर का वध श्री सत्यभामा ने किया था। ऐसी फिल्मों को अवश्य देखना चाहिए, क्योंकि इससे नए कलाकारों को सम्मान और प्रेरणा मिलती है।

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