राष्ट्रीय लोकदल ने की₹50000 प्रति एकड़ की मुआवजे की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र
मुआवजे के मानक 10 वर्ष पुराने, ऊंट के मुंह में जीरा

आगरा। राष्ट्रीय लोकदल प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व घोषणा अनुसार आज कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी श्रीमती शुभांगी शुक्ला को सोंपा । और अनेक किसान समस्याओं पर वार्ता कर चक्रवात से पीड़ित किसानों को तत्काल सर्वे कराकर शासन को रु 50000 प्रति एकड़ का मुआवजा दिए जाने, राजस्व देयों को स्थगित किए जाने एवं केसीसी ऋण का एक वर्ष का ब्याज माफ किए जाने की मांग रखी ।
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा है कि आपदा में किसानों के लिए मुआवजा के मानकों का प्रावधान 10 वर्ष पुराने मानक के अनुसार अभी तक बना हुआ है जो कि सिंचित भूमि के लिए रुपए 17500 प्रति हेक्टेयर है। आज के समय में जब किसानों की खड़ी हुई शत प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है तो सरकार के यह मानक ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं इतनी तो एक हेक्टेयर में जुताई की लागत आती है। पुराने मानक के अनुसार इस राहत से किसानों को कोई लाभ नहीं होने वाला है। अतः अनुरोध है कि मुआवजे के नए मानक बनाकर आज की महंगाई के अनुसार पीड़ित किसानों को कम से कम₹50000 प्रत्यय एकड़ की सहायता राशि दी जाए।
प्रतिनिधि मंडल ने मांग पत्र में राजस्व देयों को तत्काल स्थित किए जाने और कृषि ऋण पर एक वर्ष का ब्याज माफ किए जाने का भी अनुरोध किया है।
रालोद नेताओं ने यह भी कहा कि फतेहपुर सीकरी, अकोला, बरौली अहीर, खैरागढ़ ब्लॉक में भी किसानों का नुकसान है इसलिए लेखपाल मौके पर जाकर छति का आकलन करें ।प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर एवं नरेंद्र बघेल, महानगर अध्यक्ष दुर्गेश शुक्ला, किसान मजदूर नेता चौ दिलीप सिंह,किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष भूदेव सिंह प्रधान, प्रदेश मंत्री सतवीर रावत व संजीव शर्मा, जिला अध्यक्ष चौ बाबूलाल प्रधान, वरिष्ठ नेता आलोक चौधरी, मास्टर सुरेंद्र सिंह, सोनू वर्मा, डॉ पीके भट्टाचार्य, गणेशी लाल तोमर, मोनू उपाध्याय, सौदान सिंह, निर्मल मथुरिया, मुकेश सिंह, भगवान सिंह बघेल, राजकिशोर लोधी, सुरेंद्र सोलंकी, शेर सिंह सूर्यवंशी, मुकेश सिंह, लव कुमार, अजय वर्मा आदि शामिल थे।



