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नकली दवाइयों की बिक्री की शिकायत पर औषधि विभाग की मेडिकल स्टोर पर छापेमारी

डीके श्रीवास्तव

आगरा। आगरा के दवा बाजार फव्वारे में शुक्रवार दोपहर अफरा-तफरी मच गई। नारकोटिक्स, पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने दो मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। एक नामी कंपनी ने अपने ब्रांड की नकली दवाइयों की बिक्री की शिकायत की थी। देर रात तक जांच जारी रही। टीम ने नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
बताया गया कि औषधि विभाग को जाइडस ब्रांड के इंजेक्शन, टैबलेट, सिरप और कैप्सूल की नकली दवाएं बिकने की शिकायत मिली थी। शिकायत का संज्ञान लेकर नारकोटिक्स, पुलिस और औषधि विभाग की टीम फव्वारा पहुंची। यहां बंसल ड्रग हाउस और हेमा मेडिकल पर छापेमारी की गई। कार्रवाई से दवा बाजार में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार स्टोर बंद कर बाहर निकल गए। टीम ने सबसे पहले स्टॉक रजिस्टर और उपलब्ध दवाइयों का निरीक्षण किया। संबंधित कंपनी की दवाओं के नमूने लेकर केंद्रीय प्रयोगशाला भेजे गए। देर रात तक चली छापेमारी में खरीद-फरोख्त के बिल भी चेक किए गए।
सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि एक नामी कंपनी ने अपनी ब्रांड की नकली दवाओं की बिक्री की शिकायत की थी। इस पर कार्रवाई की गई। मेडिकल स्टोर से लिए गए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छापे पड़ते हैं, ठोस कार्रवाई नहींः जिला आगरा केमिस्ट संगठन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने कहा कि आगरा में आए दिन नकली और नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए छापेमारी होती रहती है। शासन-प्रशासन से लेकर सरकार तक शिकायतें हुई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि आगरा नकली और नशीली दवाओं का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। इसके चलते आम मेडिकल स्टोर संचालक भयभीत रहते हैं।

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