दवा माफिया के खिलाफ रासुका के तहत सख्त कार्यवाही हो : प्रदेश अध्यक्ष मनोज अग्रवाल

आगरा। शहर के फव्वारा दवाई मार्केट में हेमा मेडिको और बंसल मेडिकल स्टोर पर अब तक कार्रवाई हो चुकी है। बंसल मेडिकल स्टोर और उसके गोदामों को सील कर दिया गया है। वहीं, हेमा मेडिको के चार-चार गोदामों से बरामद हुई करोंड़ों रुपये कीमत की नकली दवाओं की सूची तैयार की जा रही है। यह दवाएं कैंसर, हार्ट और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की थीं, जिन्हें नकली पैकिंग कर असली ब्रांड के नाम पर ठेला जा रहा था। हेमा मेडिको की दवाओं की सूची बनने के बाद बंसल मेडिकल स्टोर के गोदाम खोले जाएंगे।
वहीं इस मामले में भारतीय हिंदू सेवा संस्था के प्रदेश अध्यक्ष एवं हिंदूवादी नेता मनोज अग्रवाल ने अपने ब्यान में कहा है कि वर्ण व्यवस्था में महानीच वर्ण वालों के लिए पैसा ही सब कुछ है। शायद देश और देशवासियों के लिए कोई संवेदन शीलता नहीं? चाहे दवा के नाम पर जहर ही क्यों न बेचना पड़े। हेमा मेडिकल स्टोर हिमांशु अग्रवाल मुबारक महल फुव्वारा, आगरा उसने अपने दवाई के काम में कितने करोड़ों अरबों रुपए कमाए होंगे जो अधिकारियों को खरीदने के लिए एक करोड रुपए की रिश्वत दे रहा है और जानकारी के मुताबिक कह रहा है कि एक करोड रुपए कम हों तो मैं डबल कर सकता हूं। उन्होंने कहा है कि ऐसे दुष्ट प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ मेरी शासन प्रशासन से मांग है कि इसके खिलाफ और उसके साथ काम करने वाले जितने भी लोग हैं उन सबके खिलाफ रासुका (एनएसए) के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ऐसी दवा माफियाओं पर बुल्डोजर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ऐसे लोगों को आगे सबक मिल सके।
प्रदेश अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा है कि आम लोगों की सेहत को चाटता आगरा का नकली दवा कारोबार एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। पिछले दो दिन की छापेमारी ने साफ कर दिया है कि आगरा नकली दवा माफिया का गढ़ बन चुका है। इस कार्रवाई में अभी तो केवल दो मछलियां ही जाल में फंसी हैं, जबकि शहर में ऐसे सौ-दो सौ नकली दवा का व्यापार करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सवाल यह है कि इतनी बड़ी मंडी ड्रग विभाग की आंखों से कैसे बची रही? जवाब सबको मालूम है- डिपार्टमेंट की मिलीभगत के बिना ऐसा संभव ही नहीं है।