भ्रांतियां हुईं दूर जिले में 22 दिसंबर को बी- टीम से छूटे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी
डीके श्रीवास्तव

आगरा। सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर 0-5 साल के बच्चों को पोलियो की दवा पिला रही हैं। टीम गतिविधि के दौरान शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज फर्स्ट के कार्यक्षेत्र में आने वाली शंकर कॉलोनी की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले 22 परिवारों ने भय और भ्रांतियां के कारण पोलियो की दवा पिलाने से इनकार किया था। इसी क्रम में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग, रिवेन्यू इंस्पेक्टर, यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन के संयुक्त प्रयासों से छूटे परिवारों के 33 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर प्रतिरक्षित किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि अभियान में सभी का सहयोग महत्वपूर्ण है, पोलियो की दवा पिलाने से इंकार न करें, यह पूरी तरह सुरक्षित है। अपने 0-5 साल के बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं और उन्हें पोलियो जैसी खतरनाक बीमारी से बचाएं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 22 दिसंबर सोमवार को बी-टीम के द्वारा छूटे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। अभियान में पिलाई जा रही पल्स पोलियो की दवा सुरक्षित और असरदार है । इसके प्रति मिथक और भ्रांतियों के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो का उन्मूलन नहीं हो सका, जबकि भारत में पोलियो उन्मूलन संभव हो गया। चूंकि पड़ोसी देशों में पोलियो के वायरस मौजूद हैं, इसलिए एहतियातन भारत के भी हर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चे को पोलियो से पूर्ण प्रतिरक्षित किया जाना अनिवार्य है । इसलिए प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने पाल्यों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।
इस मौके पर परिवारों की भ्रांतियां दूर करने और पोलियो दवा के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कराने में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज फर्स्ट के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल सारस्वत, डॉ. मुनीश , यूनिसेफ के डीएमसी राहुल कुलश्रेष्ठ, यूनिसेफ से शायना परवीन, विश्व स्वास्थ्य संगठन से नरेश, रिवेन्यू इंस्पेक्टर लाखन सिंह के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया ।



