उत्तर प्रदेशलखनऊ

आत्मनिर्भर भारत में युवाओं का योगदान

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

लखनऊ। आत्मनिर्भर भारत अभियान में युवाओं का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की भाव भूमि भी यही है। स्वामी विवेकानंद मानते थे कि युवाओं के संकल्प से ही भारत एक दिन पुनः विश्व गुरु बनेगा। शिक्षा और तकनीक के माध्यम से युवाओं को स्वा बनाया जा रहा है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इस दिशा में युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को युवाओं की प्रतिभा,नवाचार और उद्यमशीलता से साकार किया जा सकता है। उनको स्टार्टअप इंडिया, अटल इनोवेशन मिशन और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं से युवा इस दिशा में आगे बढ़ सकते है। भारत आज वैश्विक कंपनियों के लिए प्रतिभा और समाधान का केंद्र बन चुका है। वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के साथ विश्व कल्याण में योगदान दे रहा है। देश ने सुरक्षा,खेल,विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। राज्यपाल ने
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज का अवलोकन किया। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कहा कि विवेकानंद जी युवाओं को राष्ट्र की ऊर्जा और भविष्य मानते थे। उनका संदेश उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको आज भी युवाओं को प्रेरणा देता है। व्यक्तिगत उन्नति तभी सार्थक है, जब वह राष्ट्रीय विकास से जुड़ी हो। विद्यार्थियों को ज्ञानवान होने के साथ-साथ नवोन्मेषी, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनना चाहिए। समाज और राष्ट्र की प्रगति सामूहिक उत्तरदायित्व से ही संभव है। भारत की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना चाहिए। दिवाली को यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता मिलना देश के लिए गौरव का विषय है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत आठ प्रतिशत से अधिक विकास दर के साथ विश्व की सबसे तेजी से विकसित होने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। आईआईटी, आईआईएम और एम्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नई शिक्षा नीति, पीएम श्री स्कूल, चंद्रयान मिशन, उपग्रह प्रक्षेपण, गगनयान और भावी भारतीय स्पेस स्टेशन भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और वैज्ञानिक क्षमता के प्रतीक हैं।

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