एडमिशन के नाम पर लूट, बाबू ने छात्रा से की19,200 ठगी, जन सहयोग संगठन ने लिखा सीएम योगी को पत्र
डीके श्रीवास्तव

आगरा। ताजनगरी के सबसे पुराने आगरा कॉलेज में शिक्षा के मंदिर को वसूली का अड्डा बनाने का संगीन आरोप लगा है। कॉलेज के बाबू आकाश कुमार सोनी पर एडमिशन के नाम पर एक छात्रा से 19,200 रुपये की खुली ठगी करने का आरोप है। ठगी की शिकार सिद्धि चौहान कोई आम छात्रा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश महिला मोर्चा की महामंत्री मुक्ता चौहान की सगी छोटी बहन है। जन सहयोग संगठन ने इस शिक्षा माफिया के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बाबू की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है। ठगी का कच्चा चिट्ठा-नकद लिया, ऑनलाइन लिया, फिर मुकर गया बाबू CM को भेजे गए पत्र क्रमांक 176 में जन सहयोग संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. मनोज शर्मा ने खुलासा किया कि बाबू आकाश सोनी ने सिद्धि चौहान से एडमिशन के नाम पर 10,000 रुपये नकद हाथों-हाथ लिए और 9,200 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। कुल 19,200 रुपये डकारने के बाद न तो एडमिशन दिया, न एक भी रसीद थमाई। जब सिद्धि ने अपनी मेहनत की कमाई वापस मांगी तो बाबू ने रंग बदल लिया। आरोप है कि उसने छात्रा को धमकाया, बेइज्जत किया और ऑफिस से भगा दिया। साफ कह दिया, कोई पैसे-वैसे नहीं हैं, जाओ यहां से।
आगरा कॉलेज, आगरा
3 बार शिकायत, जीरो एक्शन सिस्टम की बेशर्मी उजागर
1. पहली शिकायत पीड़िता खुद बाबू से पैसे मांगने गई, धमकी मिली।
2. दूसरी शिकायत जन सहयोग संगठन अध्यक्ष मनोज शर्मा छात्रा को लेकर आगरा कॉलेज के प्रधानाचार्य से मिले, लिखित शिकायत दी। कोई सुनवाई नहीं।
3. तीसरी शिकायत जिलाधिकारी आगरा को लिखित में पूरा मामला बताया गया। फिर भी आरोपी बाबू कुर्सी पर जमा रहा।
4. चौथी और आखिरी चेतावनी अब CM योगी को पत्र भेजकर कहा गया है कि यह बेटियों के भविष्य का सवाल है। ऐसे भ्रष्टाचारी को तुरंत पद से हटाओ।+
CM योगी के जीरो टॉलरेंस को चुनौती
जन सहयोग संगठन ने अपने पत्र में सीधा सवाल उठाया है कि जब मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ का भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा है तो आगरा कॉलेज में खुलेआम वसूली कैसे हो रही है? प्रधानाचार्य और DM को शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या कॉलेज प्रशासन इस शिक्षा माफिया को संरक्षण दे रहा है?
आरोपी भूमिगत, कॉलेज प्रशासन के मुह में दही
आरोपी बाबू आकाश कुमार सोनी का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। आगरा कॉलेज के प्रधानाचार्य ने कॉल रिसीव नहीं की। कॉलेज के सूत्र बता रहे हैं कि मामला खुलने के बाद
बाबू छुट्टी पर चला गया है।
बड़ा सवाल कितने छात्रों को लगाया चूना ?
19,200 की यह वसूली सिर्फ एक छात्रा से हुई है। आशंका है कि एडमिशन सीजन में दर्जनों छत्रों से इसी तरह लाखों रुपये ऐंठे गए होंगे। जन सहयोग संगठन ने पूरे एडमिशन घोटाले की SIT जांच की मांग की है।



