
झारखंड का धनबाद जनपद पर्यटन की दृष्टि से धनवान है। यह पौराणिक नगर है। वर्तमान समय में कोयला खदानों के लिए प्रसिद्ध है। अर्थव्यवस्था की सूची में झारखंड का जनपद नम्बर वन है। पौराणिक मान्यता के अनुसार
देवताओं के चिकित्सक धन्वंतरि के नाम पर ही नामकरण हुआ। धनबाद में सनातन आस्था के अनेक स्थल है। यहां का शक्ति मंदिर प्रसिद्ध है। यहां देवी दुर्गा की सिद्ध प्रतिमा है। यहाँ अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित रहती है। यह ज्योति वैष्णो माता मंदिर से लाई गई है। कतरास के पास स्थित माँ लिलोरी का प्रसिद्ध प्राचीन है। कोयले की खदानों के लिए धनबाद प्रसिद्ध है। पर्यटक प्रसिद्ध झरिया कोलफील्ड्स भी देखने जाते हैं।यहां के प्रमुख मार्ग पर बड़े उद्योगों की श्रृंखला है। इस जनपद को कोयला राजधानी और काले हीरे का नगर भी कहा जाता है। बराकर नदी पर बना मैथन विशाल बांध और झील आकर्षक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। पर्वत श्रृंखला से घिरी तोपचांची झील का वातावरण भी सुंदर है। यहां घने जंगल हैं। छोटी पहाड़ियों और जंगल के बीच भटिंडा जलप्रपात है।दामोदर नदी पर स्थित पंचेत डैम सिंचाई हेतु बनाया गया था। यहां के प्राकृतिक वातावरण ने इसे पर्यटन केंद्र के रूप में आकर्षक बना दिया है। बिरसा मुंडा पार्क भी दर्शनीय है।



