लेखसम्पादकीय

समग्र हिंदुत्व की राह पर भाजपा

मृत्युंजय दीक्षित

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत उतर प्रदेश में सभी राजनैतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियों और मुद्दों को अंतिम रूप देना प्रारंभ कर दिया है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बहुप्रतीक्षित कार्यकारिणी भी घोषित कर दी है। माना जा रहा है कि भाजपा की यह टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय नेतृत्व की पसंद से चुनी गई है किन्तु इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भी महती भूमिका है। भाजपा ने अपनी नई टीम में सामाजिक सन्तुलन साधने के साथ ही सपा के पीडीए व बसपा के ब्राह्मण कार्ड को रोकने का प्रबंध किया है।
अब चुनाव केवल सामाजिक समीकरण के बल पर ही नहीं जीते जाते इसलिए भाजपा ने अपनी टीम की संरचना से यह भी स्पष्ट किया है कि वह चुनावी दंगल बूथ स्तर पर आकर ही लड़ेगी। भाजपा अब अपने बूथ प्रबंधन को सशक्त करने के लिए काम करेगी जिसके लिए प्रदेश की टीम को एकदम युवा व कर्मठ चेहरे दिए गए हैं। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रवक्ताओं की टीम भी घोषित कर दी गई है और सोशल मीडिया प्रमुख की भी नियुक्ति की गई है क्योंकि अब प्रमुख राजनैतिक नैरेटिव युद्ध पारंपरिक और सोशल मीडिया दोनों पर लड़ा जाता है। चुनावी जंग जीतने में मीडिया व सोशल मीडिया भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पश्चिम बंगाल चुनावों में नैरेटिव युद्ध ने भाजपा की विजय में बड़ी भूमिका निभाई थी।
भाजपा की नई कार्यकारिणी से यह बात भी साफ हो गई है कि आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे व हिंदुत्व की धर तेज करके ही लड़ा जाएगा। प्रदेश में योगी जी का ”एक रहेंगे तो नेक रहेंगे” तथा ”बटेंगे तो कटेंगे” का नारा फिर चलने वाला है। प्रदेश के आम हिन्दू जनमानस को योगी जी पर पूरा भरोसा है विशेषकर कानून व्यवस्था व नारी सुरक्षा आदि विषयों के कारण ।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में सपा के पीडीए की धार कुंद करने का प्रयास किया गया है। राज्य में भाजपा का संगठन 6 क्षेत्रों में विभाजित है। इनमें पश्चिम नवाब सिंह नागर को, ब्रज क्षेत्र में पूरन लाल लोधी तथा कानपुर क्षेत्र में राम किशोर साहू अध्यक्ष बने हैं। काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया बनाए गए हैं ।अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी बने हैं। गोरखपुर क्षेत्र की कमान विनोद राय को मिली है जो भूमिहार हैं। प्रदेश में 19 उपाध्यक्ष बनाए गए हैं और इनमें भी ओबीसी वर्ग को प्राथमिकता दी गई है। 8 महामंत्रियों की सूची मे भी 4 ओबीसी वर्ग के हैं।
प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के चयन में सामाजिक संतुलन के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास भी किया गया है। सपा छोड़कर भापजा मे शामिल हुई पूजा पाल को प्रयागराज में जिममेदार दी गई है । एक समय प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद का आतंक था और उस पर पूजा पाल के पति राजू पाल की हत्या का आरोप था। भाजपा ने अपनी कार्यकारिणी के माध्यम से दलित गैर-जाटव समुदाय से पासी और कोरी समाज को भी साधने का प्रयास किया है। भाजपा ने कुशवाहा, मौर्य और सैनी समुदाय से तीन नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया है जाट, कुर्मी, यादव और पाल समाज से भी उपाध्यक्ष बनाया गया ।
भाजपा की कार्यकारिणी से प्रतीत हो रहा है कि भाजपा के तरकश में अभी कई तीर छिपे हैं । यह बात तो तय हो गई है कि अब भाजपा समग्र हिंदुत्व की राजनीति करने जा रही है । भाजपा व संघ द्वारा अब प्रदेश में बंगाल की ही तरह 94 प्रतिशत हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा।
भाजपा कार्यकारिणी की सूची आते ही सपा, बसपा व कांग्रेस की राजनीतिक हलचलें भी तेज हो गई है। यह चर्चा भी सुनी जा रही है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के चुनाव वर्ष 2026 के अक्टूबर- नवंबर में भी करवा सकता है क्योंकि आगे जनगणना का वृहद अभियान चलना है। साथ ही भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल तथा असम सहित कई राज्यों के निकाय चुनावों में लगातार मिल रही सफलता से उत्साहित है और अपनी विजय का संवेग बनाए रखने के लिए के लिए विपक्ष को तैयारी के लिए समय नहीं देना चाहती।

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