
उत्तर प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त हो चुका है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के विकास संबंधी एक कॉन्क्लेव में विचार व्यक्त किए। कहा कि..
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे तथा देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेस-वे संचालित हैं।
जेवर एयरपोर्ट भारत का जेवर जैसा है। यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। वहां भारत का पहला एमआरओ तथा सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनने जा रहा है।
प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है।
भारत की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही है। इनलैण्ड वॉटर-वे वाराणसी से हल्दिया के बीच प्रारम्भ हो चुका है। उत्तर प्रदेश को नेपाल, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड, दिल्ली से फोर लेन सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है।
अब चीनी मिलें इन्टीग्रेटेड शुगर कॉम्प्लेक्स बन चुकी हैं। वहाँ चीनी के साथ-साथ एथेनॉल भी बन रहा है। डिस्टलरी, कोजन प्लाण्ट तथा फाइन शुगर की भी व्यवस्था है।
प्रदेश में पचहत्तर हजार एकड़ लैण्ड बैंक है। निवेश की पहली शर्त सुरक्षा, दूसरी लैण्ड बैंक और तीसरी निवेश से सम्बन्धित पॉलिसी है। आज प्रदेश में चौतीस सेक्टोरियल पॉलिसीज हैं। उत्तर प्रदेश भारत का बेहतरीन निवेश गन्तव्य बनकर उभरा है।
प्रत्येक सेक्टर में किये गये कार्यां का परिणाम है कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि हुई है। प्रदेश में पैसठ लाख गरीबों के लिए आवास की व्यवस्था की गयी है। दो करोड़ इकसठ लाख गरीबों के घर में शौचालय बने हैं। पंद्रह करोड़ गरीबों को प्रत्येक माह निःशुल्क राशन की सुविधा का लाभ मिल रहा है। दस करोड़ गरीबों को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत पांच लाख रुपये वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है।



