आगराउत्तर प्रदेश

स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की स्मृति में काव्य गोष्ठी

आगरा। ग्वालियर रोड स्तिथ द्वारिका ग्रीन सोसाइटी के पार्क में 29 अगस्त को शाम 4 बजे काव्य जगत पुरोधा द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी जी की स्मृति में काव्यगोष्ठी का आयोजन है। कार्यक्रम के आयोजक उदयवीर सिंह सोलंकी ने बताया कि 01 दिसम्बर 1916 को आगरा में जन्में माहेश्वरी जी की 29 अगस्त को 27 वीं पुण्यतिथि है हम लगातार सात वर्षों से इस अवसर पर द्वारिका ग्रीन सोसाइटी में काव्यगोष्ठी का आयोजन करते आ रहे है शाम 4 बजे से आयोजित इस काव्यगोष्ठी में कवि शेषपाल सिंह शेष और कवि दिनेश अगरिया के संयोजन में शहर के नामचीन कविओ को आमंत्रित किया गया है जो माहेश्वरी जी याद में कवितापाठ करेंगे। माहेश्वरी जी का निधन, 29 अगस्त 1998 को हुया था उनके पिता किसान थे मूलत्व जोधपुर राजस्थान के निवासी माहेश्वरी का ननिहाल आगरा में था। माहेश्वरी जी की कविताओं में प्रकृति और मानव के बीच गहरा संबंध दिखाई देता है और उनकी शिक्षाप्रद कविताएँ बच्चों को प्रेरित करती हैं। द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी जी की प्रमुख कृतियों में काव्य संग्रह जैसे ‘दीपक’, ‘ज्योतिकिरण’, ‘फूल और शूल’, ‘शूल की सेज’, ‘गीत गंगा’, ‘शंख और बाँसुरी’ और खंडकाव्य जैसे ‘क्रौंच वध’ व ‘सत्य की जीत’ शामिल हैं। उन्होंने कई बाल साहित्य पुस्तकें भी लिखीं, जिनमें ‘हम सब सुमन एक उपवन के’, ‘वीर तुम बड़े चलो’, ‘चंदा मामा, आ’, ‘इतने ऊंचे उठो’ आदि प्रमुख हैं, जिसके कारण उन्हें ‘बच्चों का गांधी’ भी कहा जाता है।

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