मौसमी फल तरबूज़े और ख़रबूज़े से बने उत्पादों की अंतर संकाय प्रतियोगिता का आयोजन
डीके श्रीवास्तव

आगरा। दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), आगरा के गृह विज्ञान विभाग के बेचलर ऑफ़ वोकेशनल कोर्स-फ़ूड प्रोसेसिंग एंड प्रिजर्वेशन अंतर्गत, संसथान के विद्यार्थियों द्वारा मौसमी फल तरबूज़े और ख़रबूज़े से बने उत्पादों की अंतर संकाय प्रतियोगिता का आयोजन आज दिनांक 16.04.2026 को यूनिवर्सिटी परिसर में किया गया. इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विभिन्न संकाय के विद्यार्थियों की सामूहिक गतिविधि और आपसी सहयोग को बढ़ाने के साथ-साथ फल सब्ज़ियों मैं वैल्यू एडिशन करना व मौसमी फल तरबूज़े और ख़रबूज़े की सर्व विदित गुणवत्ता एवं उसके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक गुणों को सभी के बीच लोकप्रिय बनाना है, जैसे कि एंटीऑक्सीडेंट, कम कैलोरी, हाइड्रेशन और भरपूर पोषक तत्व जैसे विटामिन ए, बी और सी के साथ-साथ पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर भी होता है। इस अन्तर संकाय प्रतियोगिता मैं यूनिवर्सिटी के विभिन्न संकायों के छात्र और छात्राओं द्वारा बढ़ चढ़ कर भाग लिया गया, विभिन्न संकायों की करीब 55 प्रतिस्पर्धी टीमों के अंतर्गत 90 छात्र छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रेम विद्यालय की छत्राओं ने भी प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में भागीदारी की.
प्रतिभागियों/टीमों ने तरबूज़े और ख़रबूज़े के प्रयोग से विभिन्न पारंपरिक और गैर-पारंपरिक उत्पाद जैसे टूटी फ्रूटी, चॉकलेट डिप, कुल्फी, जूस, बर्फी, आइसक्रीम, मिंट जेली, हलवा, लड्डू, सब्जी व रायता, पिज्जा, कैंडी, जूसी बटर क्रंच, सैंडविच, फ्रूटी, शरबत, फ्रूट चाट, स्वीट फ्यूजन, मिल्क शेक, कस्टर्ड, पुडिंग, लेमोनेड, पन्ना, डेज़र्ट पॉप्स, फालूदा, पानीपुरी, चाट बास्केट, मफिन, न्यूट्रीबार, कुकीज़ आदि तैयार किये. प्रतियोगिता का परिणाम निकलने के लिए वरिष्ठ व अनुभवी निर्णायक मंडल- श्रीमती स्नेह बिजलानी, प्रोफेसर गुल माथुर और प्रोफेसर विभा सत्संगी द्वारा उत्पादों का मूल्यांकन किया गया,
इस प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. सीमा कश्यप, एसोसिएट प्रोफेसर, ग्रह विज्ञान (कोऑर्डिनेटर बी.वॉक. फ़ूड प्रोसेसिग्न) व विभाग के अन्य स्टाफ मेंबर्स के अथक प्रयासों से संपन्न हुआ. इस अवसर पर दयालबाग शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर प्रो.पटवर्धन, रजिस्ट्रार प्रो.संजीव स्वामी, प्रो.संगीता सैनी (डीन व विभागाध्यक्ष), डॉ. करुणा सिंह, सोनाली जोहरी, पूनम सिन्हा, डॉ. मोनिका, अमोला श्रीवास्तव, शालिनी सत्संगी, डॉ.रिमझिम, रंजू, अमिता और मंजू आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे. अंत में डीन व विभागाध्यक्ष प्रो.संगीता सैनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया.



