आगराउत्तर प्रदेश

6500 प्रति टन आलू खरीद मूल्य नाकाफी, इस मूल्य से बाजार भाव में और गिरावट आएगी : कप्तान सिंह चाहर

आगरा। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आलू के घटते बाजार भाव पर किसानों को राहत देने हेतु 6500रू प्रति टन, सरकार द्वारा खरीदे जाने के निर्णय को ना काफी करार देते हुए कहा है कि क्या आलू पर 10 से ₹12000 प्रति टन की लागत आती है और इस समय किस का आलू शीत गृहों में रखा हुआ है शीत ग्रह का भाड़ा ही₹2700 प्रति टन हो जाता है और 20 से ₹25 प्रति बोरा भाड़े से आलू कोल्ड पहुंचता है जो कि ₹500 प्रति टन ,₹500 प्रति टन की भराई एवं सिलाई,₹700 के बोरे प्रति टन एवं ₹150 प्रति टन की लोडिंग का खर्च जोड़ने पर 4450 रुपए प्रति टन आता है तब किसान का आलू शीत गृहों में पहुंच पाता है । खेत की जुताई, बीज, डीएपी, यूरिया, सल्फर ,पोटाश, जिंक, बोरौन, पानी, पेस्टिसाइड, पाल कटाई,बुवाई ,खुदाई, बिनाई, आदि का खर्च जोड़ दिया जाए तो लागत₹12000 प्रति कुंतल आती है। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा है 6500 प्रति टन की सरकारी खरीद से बाजार भाव में गिरावट आएगी और इससे किसानों को नुकसान होगा।
प्रदेश अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपील की है वह घोषित किए गए आलू खरीद मूल्य पर पुनर्विचार करें और कम से कम आलू 1200 से ₹1300 प्रति कुंतल खरीदने की व्यवस्था करें।
राष्ट्रीय लोकदल का प्रतिदिन मंडल शीघ्र ही जिलाधिकारी से मिलकर केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र भेजकर आलू खरीद मूल्य पर पुनर्विचार करने की अपील करेगा।

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