
आगरा। शनिवार को पार्श्वनाथ पंचवटी निवासी वाधवा परिवार द्वारा कुष्ठ सेवा सदन, ताजगंज में भावपूर्ण सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें परिवार के सदस्यों ने जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर अपनापन, सहयोग और मानवता का सुंदर संदेश दिया, सेवाकार्य के दौरान परिवारजनों ने भोजन प्रसाद वितरण, उपयोगी सामग्री एवं अन्य सेवाकार्यों के माध्यम से आश्रमवासियों का हौसला बढ़ाया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार एवं लैप्रोसी पेशेन्ट्स वेलफेयर सोसाइटी की सचिव डॉ० मधु भारद्वाज ने संचालन एवं सेवाकार्यों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि “नेक बनो, एक बनो” ही मानवता की सच्ची पहचान है, उन्होंने समाज को जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील बनने और सेवाभाव अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर समाजसेवी श्याम भोजवानी ने कहा कि कुष्ठ रोगियों के बीच जाकर अपनापन दिखाना अत्यंत आवश्यक है, उन्होंने बताया कि समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत है, क्योंकि प्रेम और सहयोग से बड़ा कोई उपचार नहीं होता, उन्होंने सभी से अपनी सामर्थ्य के अनुसार सेवा करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानी जोगिंदर सिंह द्वारा अरदास एवं प्रार्थना से हुआ, सभी ने मां दुर्गा के समक्ष देश में सुख-शांति एवं सभी के जीवन में खुशहाली की मंगलकामना की एवं महंगाई और बेरोजगारी से मुक्ति की प्रार्थना की।
सेवा अभियान के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया, पूरा वातावरण सेवा, करुणा और मानवता की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया।
कार्यक्रम में मधु भारद्वाज, ज्ञानेंद्र अग्रवाल, श्याम भोजवानी, हरीश मोटवानी, ज्ञानी जोगिंदर सिंह, चांदनी भोजवानी, हर्पिल आदि उपस्थित रहे।



