उत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी में स्ट्रेटेजिक नोड्स विकसित करने के बेहतरीन परिणाम

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

लखनऊ। राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि एक वर्ष पूर्व हुआ आपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल था। भारत ने किसी युद्ध में उलझे बिना आतंकवादियों को सबक सिखाया था। इसकी वर्षगांठ सेना के शौर्य और सामर्थ्य पर गौरव की अनुभूति कराती है। यह संयोग है कि इस अवसर पर प्रयागराज में रक्षा त्रिवेणी संगम की थीम पर आधारित नॉर्थ टेक सिम्पोज़ियम के समापन समारोह आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित हुए। योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पाद में अग्रणी हो गया है।
उधर भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना बताया। भारत ने तेरह पाकिस्तानी विमान गिराए। ग्यारह बेस को तबाह किया। सौ से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों मार गिराया। ब्रह्मोस,आकाश, एडवांस्ड सर्विलांस और टारगेटिंग सिस्टम के साथ
साथ देशी गोला-बारूद और स्पेयर पार्ट्स, सभी ने अहम भूमिका निभाई। रक्षा उत्पाद में आत्मनिर्भर भारत अभियान निरंतर प्रगति पर है। इसमें उत्तर प्रदेश का उल्लेखनीय योगदान है। डिफेंस कॉरिडोर के प्रदेश में डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के छह स्ट्रैटेजिक नोड्स विकसित करने के बेहतरीन परिणाम प्राप्त हुए हैं। लखनऊ,कानपुर, झांसी,आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट नोड्स में पैंतीस हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर क्रियान्वयन हो रहा है। निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए लैंड बैंक तैयार किया गया है। डिफेंस एण्ड एयरोस्पेस नीति बनाई गई है।
इसके माध्यम से निवेशकों को इंसेंटिव उपलब्ध कराया जा रहा है।
उतर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर में तोप के गोले, स्वदेशी ड्रोन,बुलेट प्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणाली से सम्बन्धित उपकरण तैयार किये जा रहे हैं। इसके साथ ही डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर मार्केट एण्ड इण्डस्ट्री रेडी वर्क फोर्स उपलब्ध कराई जाएगी। अलीगढ़ नोड छोटे हथियार,रक्षा उपकरण तथा अन्य सैन्य सामग्री, कानपुर में गोला बारूद,मिसाइल डिफेंस एण्ड प्रोटेक्टिव गियर, लखनऊ नोड्स में ब्रह्मोस मिसाइल और हैवी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, चित्रकूट और आगरा नोड्स को एयरोस्पेस और डिफेंस में प्रिसिजन इंजीनियरिंग उत्पाद के केंद्र बन रहे हैं।
नोएडा तथा अन्य स्ट्रैटेजिक नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के बेहतरीन ईको सिस्टम को विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में इक्कीस हजार से अधिक स्टार्ट-अप स्थापित हुए हैं। इसमें एआई, रोबोटिक, ड्रोन, सेमीकण्डक्टर, डाटा सेण्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग आदि सम्मिलित हैं। प्रदेश में करीब एक करोड़ एमएसएमई इकाइयां हैं। इन इकाईयों में हार्डवेयर,लेदर, टेक्सटाइल तथा अन्य सेक्टर से जुड़े हुए संसाधन सम्मिलित हैं।आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर ड्रोन का सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है।

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