पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ राजभवन मार्च निकाला। यह मार्च छात्र आंदोलनों और कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया। करीब पांच किलोमीटर लंबे मार्च में RJD के सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
RJD कार्यकर्ता पटना के जेपी गोलंबर पर जुटे और वहां से राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पटना पुलिस ने बैरिकेडिंग कर तेजस्वी यादव समेत अन्य नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मौके पर ही डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्र आंदोलन को लेकर तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला
मार्च के दौरान तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित रूप से गोली चलाने की घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की भी मांग उठाई।
छात्र आंदोलन में AK-47 के इस्तेमाल पर सवाल
तेजस्वी यादव ने सरकार से सवाल किया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोलीबारी की गई।
तेजस्वी के दावे के मुताबिक, सीवान में गोली लगने से तीन लोग घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल ले जाया गया।
RJD नेता ने सवाल उठाया कि कथित तौर पर AK-47 पुलिसकर्मियों तक कैसे पहुंची, यह हथियार किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी किया गया और इसे इस्तेमाल करने की अनुमति किस अधिकारी ने दी।
उन्होंने हथियार के इस्तेमाल से जुड़े पूरे कमांड सिस्टम की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव ने कहा कि केवल उस पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा, जिस पर कथित गोलीबारी में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने यह भी पूछा कि संबंधित कांस्टेबल किस यूनिट में तैनात था।
RJD नेता ने सवाल उठाया कि आरोपी पुलिसकर्मी जिला पुलिस का हिस्सा था या पुलिस अधीक्षक की सुरक्षा टीम, स्पेशल टास्क फोर्स अथवा किसी अन्य विशेष इकाई से जुड़ा था।
उन्होंने सीवान के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की और यह पता लगाने की बात कही कि भीड़ नियंत्रण के दौरान गोली चलाने की अनुमति किस स्तर से दी गई थी।
तेजस्वी यादव ने कथित घटना में इस्तेमाल हुए गोला-बारूद का पूरा विवरण सार्वजनिक करने और प्रदर्शन के दौरान हथियारों की तैनाती एवं इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की।
केंद्र और बिहार सरकार पर भी निशाना
तेजस्वी यादव ने संसद में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से दिए गए कथित बयान को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि संसद में दिए गए बयान से ऐसा संकेत मिलता है कि गोलीबारी नहीं हुई थी, जबकि बिहार सरकार के कथित हलफनामे में गोलीबारी होने की बात स्वीकार किए जाने का दावा किया गया है।
RJD नेता ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और पूरे मामले में पारदर्शी जांच की मांग की।
छात्र प्रदर्शन, कथित परीक्षा अनियमितताओं और विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर बिहार में राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च ने इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
