आगराउत्तर प्रदेश

यूजीसी और आरक्षण नीति सवर्ण समाज के साथ अन्याय है : जन सहयोग संगठन

11 सूत्रीय मांगों को लेकर निर्णायक लड़ाई का किया ऐलान

आगरा। समाजसेवा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जन सहयोग संगठन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर निर्णायक लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार को छीपीटोला एम जी रोड स्थित होटल सैथिया पैलेस में आयोजित अभिनंदन समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज शर्मा एवं राष्ट्रीय संचालिका श्रीमती आरती शर्मा ने सवर्ण समाज पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने सवर्ण समाज से जागरूक होने का आह्वान किया है।
11 सूत्रीय मांगें
1. भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित हो संगठन ने मांग की है कि भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाए, जिससे देश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को संरक्षित किया जा सके।
2. गौ माता को राष्ट्र माता संगठन ने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की है, जिससे गौ रक्षा और गौ पालन को बढ़ावा दिया जा सके।
3. आरक्षण का आर्थिक आधार संगठन ने आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।
4. भगवान परशुराम जन्मोत्सव राष्ट्रीय अवकाश घोषित संगठन ने भगवान परशुराम के जन्मोत्सव को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की है, जिससे उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा सके।
5. सवर्ण आयोग का गठन संगठन ने सवर्ण आयोग के गठन की मांग की है, जिससे सवर्ण समाज के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
6. एससी एसटी कानून को रद्द हो- संगठन ने एससी एसटी कानून को रद्द करने की मांग की है, जिससे इसका दुरुपयोग रोक जा सके।
7. मंदिर के पुजारियों को सरकारी भत्ता संगठन ने मंदिर के पुजारियों को सरकारी भत्ता देने की मांग की है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
8. सवर्ण समाज के लोगों को आरक्षण संगठन ने सवर्ण समाज के लोगों को आरक्षण देने की मांग की है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार हो सके।
9. यूजीसी को समाप्त किया जाए संगठन ने यूजीसी को समाप्त करने की मांग की है, जिससे शिक्षा प्रणाली में सुधार हो सके।
10. शिक्षा और रोजगार में सवर्ण समाज के लोगों को प्राथमिकता संगठन ने शिक्षा और रोजगार में सवर्ण समाज के लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
11. सवर्ण समाज के लोगों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए कड़े कानून- संगठन ने सवर्ण समाज के लोगों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए कड़े
कानून बनाने की मांग की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा
यूजीसी और आरक्षण नीति सवर्ण समाज के साथ अन्याय है और इसका हरसंभव विरोध किया जाएगा। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक लड़ाई का ऐलान करते हुए कहा कि संगठन सवर्ण समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए
सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई तेज़ करेगा और इस काले कानून से सवर्ण समाज को मुक्ति दिलाने के लिए सड़कों पर उतरेगा।

राष्ट्रीय संचालिका का बयान
राष्ट्रीय संचालिका श्रीमती आरती शर्मा ने कहा कि सवर्ण समाज को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा और यूजीसी और आरक्षण जैसे काले कानून के विरुद्ध सड़क से लेकर संसद तक मुखर होकर लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि संगठन सवर्ण समाज के साथ है और उनके अधिकारों की
रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

अभिनंदन समारोह में शामिल लोग
अभिनंदन समारोह में बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने यूजीसी और आरक्षण के विरुद्ध लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र पचौरी, मशहूर भजन गायक मनीष शर्मा, अनुराधा शर्मा, गोपी गुरु उपाध्याय, पंडित राजेन्द्र शर्मा (राजू पण्डित जी) सन्तोष शर्मा, आचार्य राहुल रावत, पंडित रामदेव शर्मा, कैलाश नारायण मिश्र, नरेंद्र शर्मा, अपूर्व शर्मा, डा. दिनेश चंद्र शर्मा, डा. विनोद रावत, संजय शर्मा, मनीष उपाध्याय, युवा समाजसेविका मुक्ता चौहान, मंजू शर्मा, रेखा राघव, सीनू सिंह, सीनू शर्मा, रति पचौरी, मीरा माहेश्वरी, शिवम् गुप्ता, विष्णु शर्मा, दीपक शर्मा, हरिकेश शर्मा, आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे और सभी ने एक स्वर होकर सरकार की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की और आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाने का ऐलान किया।

Share this post to -

Related Articles

Back to top button