आगराउत्तर प्रदेश

गवाही से भागे थानाध्यक्ष पर कोर्ट सख्त: गिरफ्तारी वारंट जारी, वेतन रोका, खंदौली SHO पर भी विभागीय जांच

2015 के हत्या प्रयास केस में गवाही देने नहीं पहुंचे दन्नाहार थानाध्यक्ष, ADJ-13 ने दिखाई सख्ती

आगरा । अदालत में गवाही से लगातार गैरहाजिर रहना दन्नाहार, मैनपुरी के थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। अपर जिला जज-13 महेश चंद वर्मा की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष मोहर सिंह को गिरफ्तार कर 27 जून को कोर्ट में पेश करने के आदेश थानाध्यक्ष खंदौली को दिए हैं। साथ ही अग्रिम आदेश तक उनका वेतन रोकने के निर्देश एसपी मैनपुरी को भेजे गए हैं।

खंदौली थानाध्यक्ष की लापरवाही पर भी नाराजगी
मामले में आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरतने पर अदालत ने थानाध्यक्ष खंदौली को भी आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने माना कि खंदौली SHO ने अपने पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरती है। इसी के चलते पुलिस आयुक्त आगरा को थानाध्यक्ष खंदौली के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई कर विधि अनुसार दंडित करने और दो माह में अनुपालन आख्या भेजने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

10 साल पुराने केस में अटकी गवाही
दरअसल, अदालत में राज्य बनाम सुरेंद्र सिंह आदि का मुकदमा विचाराधीन है। यह मामला थाना खंदौली क्षेत्र का है और वर्ष 2015 में हत्या प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था। इस केस की विवेचना के दौरान तत्कालीन विवेचक रहे वर्तमान थानाध्यक्ष दन्नाहार मोहर सिंह की गवाही होनी थी।

बार-बार समन के बाद भी नहीं पहुंचे
कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, गवाही के लिए थानाध्यक्ष मोहर सिंह को कई बार समन और वारंट भेजे गए, लेकिन वह अदालत में हाजिर नहीं हुए। उनकी लगातार गैरहाजिरी से मुकदमे की सुनवाई प्रभावित हो रही थी। इसी पर नाराजगी जताते हुए एडीजे महेश चंद वर्मा ने यह सख्त आदेश पारित किया।

कोर्ट की दो टूक
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि पुलिस अधिकारियों की गवाही में लापरवाही से न्याय प्रक्रिया बाधित होती है। गवाह पुलिसकर्मी होने के बावजूद कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना गंभीर अनुशासनहीनता है। इसी को देखते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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