दयालबाग शैक्षिक संस्थान को ISO 21001: 2018 प्रमाणन प्राप्त

आगरा। दयालबाग शैक्षिक संस्थान (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय), आगरा को ISO 21001:2018 प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो शैक्षिक संस्थानों के प्रबंधन तंत्र (Educational Organizations Management Systems – EOMS) के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानक है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, शिक्षार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने तथा शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं प्रबंधन प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ISO 21001:2018 विशेष रूप से शैक्षिक संस्थानों के लिए विकसित एक वैश्विक मानक है, जो समावेशिता, सुलभता, प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया तथा हितधारकों की संतुष्टि पर बल देता है। यह मानक परिणाम-आधारित शिक्षा, व्यवस्थित मूल्यांकन तथा संस्थागत प्रदर्शन के सतत उन्नयन के लिए एक सुदृढ़ रूपरेखा प्रदान करता है, जो अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप है।
यह प्रमाणन संस्थान की सुदृढ़ शैक्षणिक प्रणाली, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था तथा गुणवत्ता आश्वासन की मजबूत संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है। यह दर्शाता है कि संस्थान अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों को विद्यार्थियों, उद्योग एवं समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने में सक्षम है। साथ ही, यह उपलब्धि संस्थान के समग्र शिक्षा के दृष्टिकोण—जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ मूल्य-आधारित शिक्षा एवं सामाजिक दायित्व शामिल हैं—को भी सुदृढ़ करती है।
इस उपलब्धि के साथ दयालबाग शैक्षिक संस्थान भारत के उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस वैश्विक मानक को सफलतापूर्वक अपनाया है। इससे संस्थान की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा और सुदृढ़ हुई है।
इस उपलब्धि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के समन्वयक डॉ. सौरभ मणि ने कहा कि यह प्रमाणन संस्थान की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करेगा, गुणवत्ता सुधार की संस्कृति को बढ़ावा देगा तथा संस्थान की वैश्विक साख और पहचान को मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ISO 21001:2018 के तहत प्राप्त संरचित प्रणाली शिक्षण-अधिगम एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बेहतर मूल्यांकन एवं सुधार में सहायक होगी।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पाटवर्धन ने सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि दयालबाग परिवार के समर्पण, अनुशासन एवं सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यह शिक्षा, अनुसंधान एवं सामाजिक दायित्वों के क्षेत्र में उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
निदेशक ने यह भी दोहराया कि संस्थान भविष्य में भी अपनी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ करने, नवाचार को अपनाने तथा उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
यह उपलब्धि न केवल हितधारकों के विश्वास को सुदृढ़ करेगी, बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर भी प्रदान करेगी। यह संस्थान की उस निरंतर यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसके माध्यम से वह वैश्विक स्तर पर गुणवत्ता, नैतिकता एवं समग्र शिक्षा के लिए पहचान स्थापित कर रहा है।



