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पति-पत्नी और प्रेमी ने मिलकर किया एक कत्ल... करोड़ों की संपत्ति के लिए ऐसे खेला खौफनाक खेल

पहली नवंबर को करवाचौथ का दिन था. पूरी दुनिया में सुहागनों ने अपने-अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा, दुआएं मांगी. लेकिन करवा चौथ के अगले ही दिन यानी 2 नवंबर की सुबह यूपी के बागपत जिले के गांव सिसाना में एक ऐसी वारदात हुई कि मंजर देख कर सारे लोग दंग रह गए.

एक श्मशान के बाहर एक सूटकेस पड़ा था. जब सूटकेस को खोला गया तो अंदर से एक लड़की की लाश निकली. लाश पूरी तरह से जली हुई थी. उसका चेहरा पहचान पाना बहुत मुश्किल था. अब सवाल था कि कातिल उस सूटकेस को श्मशान के बाहर फेंककर क्यों गया? जब इस वारदात का सच सामने आया तो लालच की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने सबके होश उड़ा दिए.

पहली नवंबर को करवाचौथ का दिन था. पूरी दुनिया में सुहागनों ने अपने-अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा, दुआएं मांगी. लेकिन करवा चौथ के अगले ही दिन यानी 2 नवंबर की सुबह यूपी के बागपत जिले के गांव सिसाना में एक ऐसी वारदात हुई कि मंजर देख कर सारे लोग दंग रह गए. गांव में श्मशान घाट के बाहर एक सूटकेस में किसी लड़की की लाश पड़ी थी और सूटकेस को आगे के हवाले किया जा चुका था. 

सूटकेस में लाश देखकर सन्न रह गए लोग
सुबह-सुबह टहलने निकले गांव वालों ने जब ये मंजर देखा, तो उन्होंने फौरन पुलिस को इत्तिला दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया और इसी के साथ लड़की के बारे में गांव वालों से पूछताछ शुरू की. लेकिन गांव तो छोड़िए आस-पास के पूरे इलाके में ना तो कोई इस लड़की को पहचानता था और ना ही ऐसी कोई लड़की किसी घर से गायब थी. वैसे भी आग की वजह से लड़की का चेहरा कुछ इतनी बुरी तरह बिगड़ चुका था कि उसकी पहचान भी मुमकिन नहीं थी. ऐसे में पुलिस के सबसे पहले यही पता करने की चुनौती थी कि आखिर ये लाश किसकी है? जाहिर है, इसके बाद ही मामले की तफ्तीश आगे बढ़ सकती थी. 

CCTV में दिखाई दी संदिग्ध कार
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाने के लिए गांव के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुए फुटेज की चेकिंग करने का फैसला किया. और इस कोशिश में पुलिस को पहला क्लू मिला. पुलिस को सीसीटीवी में एक सिल्वर कलर की स्विफ्ट डिजायर कार नजर आई, जो देर रात गांव की तरफ आती और कुछ देर बाद वापस जाती हुई दिख रही थी. ये कार गांव में किसी की नहीं थी. ऐसे में पुलिस ने कार नंबर का पता किया और उसकी तलाश में जुट गई. 

पवन को तलाश रही थी पुलिस
छानबीन में ये साफ हुआ कि कार हरियाणा के सोनीपत के किसी शख्स की है. चूंकि मामला कत्ल का था, पुलिस बगैर देर किए सोनीपत पहुंच गई. लेकिन कार मालिक ने बताया कि पहली नवंबर को वो कार उसके रिश्तेदार पवन के पास थी. वो कार मांग कर ले गया था. अब पुलिस पवन की तलाश कर रही थी. लेकिन इसी बीच एक अजीब बात हुई. 

एनकाउंटर में पवन की गिरफ्तारी
लाश जलाने के बाद बागपत से लौट चुका पवन एक बार फिर सबूत मिटाने के इरादे से सिसाना गांव के श्मशान के पास पहुंचा और इस बार पुलिस ने उसे घेर लिया. पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन खुद को कानून के हवाले करने की जगह उसने पुलिस पर ही गोली चला दी और इसके बाद वही हुआ, जो यूपी में अक्सर होता है. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और पवन के पैर में गोली लग गई. इसी के साथ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

मरने वाली लड़की की शिनाख्त
लेकिन अभी सूटकेस में जलती हुई मिली लड़की के कत्ल की पूरी कहानी का सामने आना बाकी था. पुलिस ने पवन से पूछताछ शुरू की. और इस पूछताछ में पवन ने एक हैरान करने वाली कहानी सुनाई. पवन ने बताया कि मरनेवाली लड़की का नाम मनीषा है, जो नोएडा के सदरपुर गांव की रहनेवाली थी. पवन के मुताबिक मनीषा एक बेहद अमीर परिवार से संबंध रखती थी और मनीषा का क़त्ल प्रॉपर्टी के झगडे में हुआ. 

भाई-भाभी ने कराया मनीषा का कत्ल
आरोपी पवन ने पुलिस को बताया कि मनीषा और उसके भाई विवेक चौहान के नाम पर पांच करोड़ रुपये की एक ज्वाइंट प्रॉपर्टी थी. लेकिन भाई-बहन की इस प्रॉपर्टी पर भाई विवेक और उसकी पत्नी शिखा कब्जा करना चाहते थे. यानी उनका इरादा मनीषा को सारी संपत्ति से बेदखल करने का था. और इसीलिए मनीषा के भाई-भाभी ने उसका कत्ल करवा दिया. 

आरोपी पवन के साथ थे शिखा के संबंध
लेकिन पवन जो बता रहा था, कहानी बस उतनी ही नहीं थी. इस कहानी में एक और भी पेच था, जिसका खुलासा बाद में हुआ. असल में मनीषा की भाभी शिखा का पवन से भी रिलेशन था. वही पवन जो इस वक्त पुलिस की गिरफ्त में था और पूछताछ में मनीषा के कत्ल की कहानी सुना रहा था. मनीषा के भाई विवेक को अपनी बीवी की ये असलियत पता नहीं थी, लेकिन मनीषा अपनी भाभी और उसके प्रेमी पवन की सच्चाई जानती थी. 

पवन के साथ आपत्तिजनक हालत में थी शिखा
एक रोज़ मनीषा ने अपनी भाभी शिखा को उसके आशिक पवन के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया और उनका वीडियो बना लिया. साथ ही कुछ तस्वीरें भी उतार ली. मनीषा ने अपनी भाभी और पवन के कुछ चैट और पिक्चर्स भी जुटा लिए थे. अब शिखा को भी इस बात का अहसास हो चुका था. ऐसे में शिखा अपनी ननद मनीषा ने दुश्मनी रखने लगी. और उसने मनीषा के क़त्ल की डबल प्लानिंग की. एक तरफ तो उसने अपनी पति विवेक को समझाया कि मनीषा कभी भी प्रॉपर्टी के कागजात पर साइन नहीं करेगी और उन्हें पांच करोड़ रुपये की पॉपर्टी कभी नहीं मिलेगी. ऐसे में उसे रास्ते से हटाना ही इकलौता रास्ता है.

शिखा ने पहचान छुपाकर प्रेमी को पति से मिलवाया
दूसरी तरफ उसने अपने आशिक पवन को बताया कि उसकी ननद उनके संबंधों की सच्चाई जान गई है, जो कभी भी उनकी पोल खोल सकती है. ऐसे में उसकी जान लेना बेहद जरूरी है. इसके बाद शिखा ने अपने आशिक पवन को झूठी पहचान से अपने पति विवेक से मिलवाया और दोनों को मनीषा के कत्ल के लिए एक साथ प्लानिंग करने के लिए राज़ी कर लिया. 

गला दबाकर किया गया था मनीषा का कत्ल
तय प्लानिंग के मुताबिक करवा चौथ की रात यानी 1 नवंबर को तीनों ने मनीषा को साथ में डिनर के लिए बुलाया और धोखे से कोई नशीली चीज खिला दी. नशीला खाना खाते ही मनीषा बेहोश हो गई और तीनों का काम आसान हो गया. तीनों ने मिल कर मनीषा का गला घोंटा उसकी हत्या कर दी. इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए उन्होंने उसे सूटकेस में भरा और सूटकेस पवन की कार में रख कर निकल पड़े. तीनों को इस बात का डर था कि अगर उन्होंने सूटकेस कहीं आस-पास ही फेंक दिया, तो मनीषा की पहचान खुल जाएगी और तफ्तीश में तीन ही पकडे जाएंगे. लिहाजा, तीनों ने कहीं दूर जाकर मनीषा की लाश को ठिकाने लगाने का फैसला किया.

सूटकेस में लाश डालकर लगाई थी आग
स्विफ्ट डिजायर कार में लाश वाली सूटकेस रख कर अब तीनों सीधे बागपत पहुंचे. जहां सिसाना गांव में जंगलों के पास एक सूनसान जगह देख कर उन्होंने सूटकेस नीचे फेंका और पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया. अब सूटकेस में रखी मनीषा की लाश धू-धू कर जल रही थी. चूंकि आग की लपटें तेज थीं, कातिलों को यकीन हो गया था कि अब लाश पूरी तरह से जल कर राख हो जाएगी और कोई भी मरने वाली लड़की की पहचान भी नहीं हो पाएगी. कुछ यही सोच कर तीनों मनीषा की लाश को जलती हुई हालत में छोड़ कर गांव से बाहर निकल गए. 

गांववालों ने किया था पुलिस को फोन
लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. अव्वल तो तीनों ने लाश जहां जलाई थी, वहां कि मिट्टी गीली थी और आग की लपटें कुछ देर में ठंडी पड़ने लगी. ऊपर से सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले गांव वालों ने जब श्मशान घाट के पास सूटकेस में जलती हुई लाश देखी, तो पहले उन्होंने पानी डालकर आग बुझाई और फिर पुलिस को फोन कर दिया.

जली हुई लाश ने पहुंचाया कातिल तक
उधर, सीसीटीवी फुटेज से उस कार की भी पहचान हो गई, जिस कार में सवार होकर तीनों मनीषा की लाश ठिकाने लगाने पहुंचे थे. पुलिस ने अब पवन के साथ-साथ मनीषा के भाई विवेक और भाभी शिखा को भी गिरफ्तार कर लिया. इसी के साथ ये साफ हो गया कि एक लड़की से दुश्मनी रखने वाले तीन लोगों ने एक साथ साजिश रच कर ना सिर्फ उसका कत्ल कर दिया, बल्कि कत्ल वाली जगह से करीब 75 किलोमीटर दूर ले जाकर उसकी लाश भी ठिकाने लगा दी थी. लेकिन आखिरकार पुलिस जली हुई लाश के सहारे लड़की के कातिलों तक जा पहुंची.

 

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