सूखे तालाबों का कराएँ जीर्णोद्धार, डार्क हुए 12 ब्लाकों में फिर आएगी बहार: पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह
2825 कब्जा मुक्त तालाबों को नवजीवन प्रदान करें अधिकारी

आगरा। गर्मी चरम पर है। तालाब सूखे हैं। आम जन प्यासा है। भूजल स्तर निरंतर गिर रहा है। सबमर्सिबल पंप से भूजल का दोहन सीमा से अधिक किया जा रहा है। भूगर्भ जल संचय के लिए लोगों में अपेक्षित जागरूकता नहीं है… ऐसे में देहात के गिरते भूजल स्तर को सुधारने और जल संकट से निपटने के लिए तालाबों का कायाकल्प जरूरी है।
इस दिशा में विगत सात-आठ वर्षो से निरंतर जिला प्रशासन को जीर्णोद्धार के लिए कब्जा मुक्त तालाबों की सूची उपलब्ध करवा रहे उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राजा अरिदमन सिंह ने भदावर हाउस से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए इस वर्ष भी तालाबों का जीर्णोद्धार करवाने की अपील शासन-प्रशासन से की है।
पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने कहा है कि आरटीआई द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार आगरा में ऐसे 2825 तालाब (पोखर) हैं जिन पर कि किसी का कब्जा नहीं है। अगर इनको मनरेगा के साथ 13वें, 14वें और 15वें वित आयोग के अंतर्गत पुनर्जीवित कर दिया गया होता तो 14 में से डार्क हुए 12 ब्लॉक बचाए जा सकते थे। प्रशासन अब भी जाग जाए तो बात बन सकती है।
उन्होंने बताया कि वह केंद्र और प्रदेश में जल शक्ति मंत्रालय बनने से पहले से ही इस दिशा में प्रयासरत हैं और विगत सात-आठ वर्षो से तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी को जीर्णोद्धार की गुहार लगाते हुए कब्जा मुक्त तालाबों की यह सूची प्रदान करते हैं लेकिन अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उन्होंने तालाब के चारों ओर देसी आम, जामुन, गूलर, पीपल, बकैन, महुआ आदि स्थानीय प्रजातियों के व्यापक छायादार वृक्ष लगाने का अनुरोध भी दोहराया।
तालाबों का स्थलीय निरीक्षण करें मुख्य विकास अधिकारी
पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने बताया कि वे जब भी बाह विधानसभा जाते हैं तो उन्हें कुछ तालाब खुदे हुए तो दिखाई देते हैं लेकिन वह सूखे ही पड़े हुए दिखते हैं। तालाब की मिट्टी बाहर निकाल कर रख दी जाती है। उनके ऊपर सूखी लकड़ियाँ दिखाई देती हैं जो संभवत: पेड़ों की हैं।
मुख्य विकास अधिकारी महोदया डेरक तालाब, नौहगाँव का तालाब और बटेश्वर खान से लेकर कचौरा रोड तक जाने वाले मार्ग पर खुदे पड़े तालाबों का स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर लें तो उन्हें मेरे तथ्यों की पुष्टि स्वयं ही हो जाएगी।
उन्होंने सीडीओ महोदया का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि बाह में तालाबों की जो सूची दी गई, उनके साथ उनका रकबा भी दिया गया लेकिन किन तालाबों में काम हुआ और किन तालाबों में काम नहीं हो पाया, इसकी कोई भी जानकारी अभी तक नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने सीडीओ महोदया से यह भी अनुरोध किया कि आरईएस के इंजीनियर को साथ लेकर तालाबों की खुदाई करवाई जाए। ढाल ठीक से बनाए जाएँ ताकि जलसंचय हो सके और सरकारी धन की और बर्बादी न हो।
उन्होंने प्राइमरी स्कूलों में लगाए गए रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जीर्ण शीर्ण हालत को सुधारे जाने की भी अपील करते हुए कहा कि इनको सुधारने से भी भूगर्भ जल का संचय किया जा सकेगा।

राजा अरिदमन सिंह
(वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री-उत्तर प्रदेश सरकार)



