लेख
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विकसित भारत: साक्षात (शारीरिक) हिंसा से ज्यादा खतरनाक है प्रतीकात्मक (मानसिक) हिंसा” — गिरीश कर्नाड के नाटक ‘बलि’ के संदर्भ में
भारत, जो आज “विकसित राष्ट्र” बनने की ओर अग्रसर है, तकनीकी, वैज्ञानिक और आर्थिक रूप से जितनी तेजी से प्रगति…
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समरसता बनाम जाति-वास्तविकता: आरएसएस और विकसित भारत का सामाजिक द्वंद्व”
21वीं सदी का भारत आर्थिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। सरकारें “विकसित भारत 2047” का…
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हिन्दू साम्राज्य दिवस पर विशेष – हिंदू साम्राज्य दिवसोत्सव – हिंदू पद पादशाही की स्थापना का उत्सव
हिन्दू साम्रज्य दिवसोत्सव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मनाया जाने वाला एक विशिष्ट उत्सव है जो हिंदू समाज को एक अत्यंत…
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“विश्व साइकिल दिवस”
हम जीवन की या काल की संकल्पना चक्र के रूप में ही करते आए हैं। जीवन- मृत्यु या दिन- रात…
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महर्षि पतंजलि एवं उनके योगसूत्रों की आधुनिक युग में उपयोगिता व वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता
भारत की प्राचीनतम दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं में से एक है योग। योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि आत्मा,…
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विकसित भारत लक्ष्य- 2047: भगवान बुद्ध के योग, तप, चरित्र और दर्शन से संभव अखंड व नवभारत का निर्माण”
मानव इतिहास में कुछ महान व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका प्रभाव न केवल अपने समय और भूभाग तक सीमित रहता…
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बौद्ध धम्म: मानव जीवन के उद्धार हेतु पांच मूल तत्व- विनय, प्रज्ञा, करुणा, शिक्षा और सेवा
बौद्ध धम्म एक प्राचीन भारतीय धर्म है जो भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर आधारित है। यह धर्म हमें जीवन के…
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विकसित भारत: बौद्ध धम्म के परिपेक्ष्य में – ‘धम्म (धर्म) निभाना होता है न कि मानना’
भारत एक विविध और बहुसांस्कृतिक देश है, जहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग रहते हैं। विकसित भारत की कल्पना…
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जातिविहीन समाज और बौद्ध धम्म पर आधारित जीवन-दृष्टि: विकसित, अखंड और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में एक वैचारिक प्रस्तावना
भारत एक महान सांस्कृतिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं से समृद्ध देश रहा है। परंतु इसके साथ ही यह भी एक…
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ज्ञानपीठ सम्मान की बधाई
तुलसीपीठाधीश्वर रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज को संस्कृत भाषा व साहित्य के क्षेत्र में उनके अतुल्य योगदान के लिए…
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बुद्ध पूर्णिमा की वर्तमान प्रासंगिकता, बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष
भगवान गौतम बुद्ध इतिहास के अदभुत और अद्वितीय महापुरुष थे: बुद्ध के संदेश और शिक्षाओं को अमल में लाकर विश्व…
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