देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश का किसान वर्ग अपना मसीहा मानता है
के. पी. मलिक

देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश का किसान वर्ग अपना मसीहा मानता है उन्होंने उत्तर प्रदेश में जमींदारी प्रथा को समाप्त करने और भूमि सुधारों के जरिए छोटे किसानों और काश्तकारों के हितों की रक्षा करने का बीड़ा उठाया। उन्होंने 1951 के जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम को तैयार और लागू कराया, जो छोटे पट्टेदारों को उनकी जोत पर स्थायी अधिकार प्रदान करता था।
चौधरी चरण सिंह ने चकबंदी कानून 1953 में पारित कराया ताकि जमीन का समेकन हो और छोटे किसान कृषि उत्पादन में सशक्त बन सकें। उन्होंने कुलक वर्ग, यानी बड़े जमींदारों के पक्षधर राजनेताओं और सामाजिक वर्गों की आलोचना भी की और लिखा कि वे किसानों के हितों के खिलाफ काम करते हैं।
भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व चौधरी चरण सिंह जी की पुण्य तिथि पर उन्हें सादर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए निवेदन करता हूँ कि उनके द्वारा लिखित पुस्तक शिष्टाचार अवश्य पढ़ें।


