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भारत का राशन खाकर, पाकिस्तान का गुणगान करते हैं ISI एजेंट', कलीम के घर है राशन की छह यूनिट

नफीस के घर में छह और महबूब के घर पांच यूनिट प्रति महीना जाता है राशन। ज्यादातर सरकारी योजनाओं का लेते है लाभ नहीं दिया जा रहा है ध्यान। मिशन आइएसआइ को सफल बनाने में लगे थे दोनों भाई। एसटीएफ की पूछताछ में कलीम ने स्पष्ट किया कि वह और उसका भाई तहसीम उर्फ मोटा पाकिस्तान में आइएसआइ के आपरेटिव से बातचीत करते थे।

शामली में पकड़ा गया आइएसआइ का एजेंट और नकली नोट प्रकरण के आरोपितों के राशन कार्ड भी है। भारत की सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बावजूद भी वह पाकिस्तान का गुणगान करते हुए आइएसआइ के लिए कार्य करते हैं। तीन अगस्त को एसटीएफ मेरठ ने शहर के मोहल्ला बर्फखाने वाली गली छापेमारी करते हुए इमरान पुत्र महबूब को छह लाख रुपये के नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था।

कलीम को 16 अगस्त को किया गिरफ्तार

इस प्रकरण में इमरान के दो सगे भाई समेत पांच लोगों के खिलाफ एसटीएफ निरीक्षक प्रशांत कपिल ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद शामली लौटे कलीम को 16 अगस्त को एसटीएफ मेरठ ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपित और उसका भाई तहसीम उर्फ मोटा आइएसआइ का एजेंट है, जो भारत में रहने के बावजूद पाकिस्तान की आइएसआइ के लिए लड़कों को तैयार कर रहे थे। हालांकि दोनों ही परिवार के लोग भारत में सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

घर में छह यूनिट का जाता है राशन

सरकारी रिकार्ड के अनुसार आइएसआइ एजेंट कलीम और तहसीम उर्फ मोटा की माता अमीना के नाम राशन कार्ड है। उनके घर में छह यूनिट का राशन जाता है। हालांकि दो महीने से उन्होंने राशन नहीं लिया, लेकिन वह कई सालों से सरकारी राशन खा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नकली नोट के साथ पकड़ा गए इमरान की माता आयशा के नाम राशन कार्ड है। उनके यहां पांच यूनिट है और प्रत्येक महीने इमरान का छोटा भाई राशन लाता है। हालांकि इमरान की माता आयशा की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद भी इनका राशन कार्ड आयशा के नाम से चल रहा है और प्रत्येक महीने यह राशन लाते है। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा भी इनके परिवार के कुछ लोग अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

महिलाएं घर छोड़कर फरार

आइएसआइ एजेंट कलीम की मां समेत घर की अन्य महिलाएं घर छोड़कर फरार हो गई है। देर रात पुलिस ने दबिश देकर उसके पिता को हिरासत में लिया और लंबी पूछताछ की। इसके बाद उसका स्वास्थ्य ठीक न होने पर छोड़ दिया गया। रविवार को रात दस बजे मोहल्ला बर्फ खाने वाली गली में आइएसआइ एजेंट कलीम के घर में दबिश दी, लेकिन घर में कलीम का छोटा भाई नईम और उसकी मां अमीना समेत घर की अन्य महिलाएं नहीं मिली।

पुलिस ने उसके पिता नफीस से विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इसके बाद स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उसको छोड़ दिया गया। हालांकि पुलिस की ओर से नफीस को सख्त चेतावनी दी गई कि घर छोड़कर न जाए। पुलिस को कलीम के छोटे भाई को लेकर भी कुछ अहम सुराग हाथ लगे है। इसलिए ही एसओजी अब नईम की तलाश कर रही है।

दिन में भी की थी छापेमारी, घर में ही थी महिलाएं

महिला थाना प्रभारी सीमा शर्मा ने एसओजी टीम के साथ दिन में भी कलीम के घर में दबिश दी थी। इस दौरान कलीम की मां अमीना घर में ही थी, लेकिन शाम होते ही सभी लोग घर छोड़कर फरार हो गए। 

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