आगराउत्तर प्रदेशस्वास्थ

जनपद में 86 ग्राम पंचायत हुई टीबी मुक्त, जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों को किया सम्मानित

डीके श्रीवास्तव

आगरा। प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत 2025 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दिए गए निर्देश के क्रम में वर्ष 2024 में जनपद आगरा में 15 ब्लॉक की कुल 86 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त की गई है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरविंद मल्लपा बंगारी ने टीबी मुक्त हुई ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया। 75 ग्राम पंचायतों को कांस्य और 11 ग्राम पंचायतों को सिल्वर कलर की महात्मा गांधी की प्रतिमा व सभी ग्राम प्रधानों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी व अन्य व्यक्तियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर लिया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान में ग्राम प्रधानों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि वह अपने क्षेत्र में टीबी के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद कर सकते हैं और लोगों को इसके लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधान टीबी मरीजों की देखभाल और समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान के सम्मान से अन्य जनप्रतिनिधि टीबी मुक्त अभियान में भागीदारी बने। सम्मानित प्रधान दूसरे गांव के प्रधान से जब अपने अनुभव साझा करेंगे तो इसका लाभ पूरे राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को मिलेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री जी ने भारत को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक जिला टीबी मुक्त हो। इस दिशा में आगरा ने तेजी से प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यदि आपको दो सप्ताह से अधिक समय खांसी आ रही या तेज बुखार की समस्या, बलगम में खून आना, भूख कम लगने की समस्या है तो यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने निक्षय पोषण योजना पर प्रकाश डाला। कहा कि टीबी मरीजों को उपचार के दौरान हर माह डीबीटी के माध्यम से धनराशि एक हजार मरीज के बैंक खाते में पहुंचने का प्रावधान है।
कार्यक्रम में उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.प्रभात कुमार, शशिकांत पोरवाल डीपीसी, कमल सिंह, अरविंद यादव आदि मौजूद रहे।

Share this post to -

Related Articles

Back to top button