
आप सभी भारतवासियों को 79 वें स्वतंत्रता दिवस महापर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।
मित्रों। आजादी (स्वतंत्रता) विभिन्न स्तरों पर मिलती है जैसे कि व्यक्तिगत, सामाजिक, और राष्ट्रीय। स्वतंत्रता (आजादी) का स्वरूप इस बात पर निर्भर करता है कि हम किस तरह की आजादी की बात कर रहे हैं। स्वतंत्रता (आजादी) के अंश कुछ इस प्रकार हैं:
व्यक्तिगत आजादी:
जागरूकता और आत्मज्ञान – जब व्यक्ति अपने अधिकारों, कर्तव्यों और संभावनाओं को समझता है, तब वह मानसिक और बौद्धिक रूप से स्वतंत्र होता है। आत्मनिर्भरता – आर्थिक रूप से स्वावलंबी होना व्यक्ति को दूसरों पर निर्भरता से मुक्त करता है। भय और अज्ञान से मुक्ति – जब व्यक्ति डर और भ्रम से ऊपर उठकर निर्णय लेने लगता है, तभी असली मानसिक आजादी मिलती है।
सामाजिक आजादी:
भेदभाव और अन्याय का अंत – जाति, लिंग, धर्म या रंग के आधार पर होने वाले भेदभाव से मुक्त समाज ही सच में स्वतंत्र होता है। समान अवसर – जब हर व्यक्ति को शिक्षा, रोजगार, और जीवन में आगे बढ़ने के समान मौके मिलते हैं। न्यायपूर्ण व्यवस्था – एक ऐसी व्यवस्था जिसमें कानून सब पर बराबर लागू हो।
राष्ट्रीय आजादी:
संघर्ष और बलिदान – जैसे भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली, वह वर्षों के स्वतंत्रता संग्राम, त्याग और बलिदानों का परिणाम था। एकता और संगठन – जब नागरिक एकजुट होकर स्वतंत्रता की मांग करते हैं और दमन के खिलाफ खड़े होते हैं। राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयास – कभी-कभी आजादी युद्ध से, तो कभी समझौते और वार्ता से हासिल होती है।
आंतरिक (आध्यात्मिक) आजादी:
यह तब मिलती है जब व्यक्ति लोभ, क्रोध, मोह और अहंकार से मुक्त होकर अपने भीतर संतोष और शांति पा लेता है।
इसलिए मित्रों। आजादी (स्वतंत्रता) पाने के लिए ज्ञान, संघर्ष, एकता, त्याग, और न्याय के प्रति अडिग विश्वास जरूरी है।
पुनः आप सभी भारतवासियों को 79 वें स्वतंत्रता दिवस महापर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
डॉ प्रमोद कुमार
डिप्टी नोडल अधिकारी, MyGov
डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा