आगरा उत्तर प्रदेश कार्यक्रम

महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर जाट समाज ने लिये अनेक निर्णय।

आगरा। अजेय रियासत भरतपुर के अजेय महाराजा सूरजमल जी के 258 वें बलिदान दिवस पर अखिल भारतीय जाट महा सभा ने आज पश्चिम पुरी के यश ग्राण्ड पैलेस पर कार्यक्रम आहूत कर भाव पूर्ण स्मरण किया औरा उनके चित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर पुष्पान्जलि अर्पित की।
जिला जाट महासभा के जिलाध्यक्ष कप्तान सिह चाहर की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में वक्ताओं ने
एक स्वर में महाराजा सूरजमल की वीरता और शासन की नीतियों के बारे में चर्चा की।
जिलाध्यक्ष कप्तान सिह चाहर ने कहा है कि महाराजा सूरजमल जी ने आगरा को 681 वर्ष बाद 17 61 में मुगलिया शासन से मुक्त कराया। आगरा की जनता को मुगलिया अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि जाट समाज के अनेक महापुरुष पैदा हुए हैं जिन्होंने देश और सर्वजन समाज के लिए एक से एक बढ़कर काम किए हैं लेकिन आगरा जैसे शहर में किसी की भी कोई प्रतिमा नहीं है और ना ही किसी रोड का नाम जाट समाज के महापुरुषों के नाम पर रखा गया है। यह जाट समाज की उपेक्षा है और इन महापुरुषों का अपमान भी है अतः जाट महासभा यह निर्णय लेती है कि महाराजा सूरजमल, महाराजा जवाहर सिंह, महाराजा रणजीत सिंह, वीरवर गोकुला, शहीद भगत सिंह, चौधरी चरण सिंह, महादानी राजा महेंद्र प्रताप, महेंद्र सिंह टिकैत जैसे महापुरुषों के नाम पर आगरा शहर और देहात के मार्गों का नाम रखा जाए इसके लिए शीघ्र ही जाट आगरा के महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष से मिलेगा और अपने यह प्रस्ताव सौंपेगा ।
सभा में यह भी निर्णय हुआ कि पिछली 25 दिसंबर 2020 को मुख्य अतिथि के रूप में महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस के कार्यक्रम में पधारे महापौर नवीन जैन ने महाराजा सूरजमल और वीरवर गोकुला की प्रतिमा आगरा शहर में स्थापित करने का वायदा किया था लेकिन आज तक पूरा नहीं हुआ है जाट महासभा का प्रतिनिधिमंडल उन्हें एक बार ध्यान दिलाएगा। अगर उन्होंने अपने वायदे पर अमल नहीं किया तो अगली रणनीति के लिए महासभा फैसला करेगी। बलिदान दिवस कार्यक्रम में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और शिक्षा पर बल देने का भी निर्णय लिया गया ।
कार्यक्रम का संचालन जाट महासभा के महामंत्री रामवीर नरवार ने किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी यादराम सिंह वर्मा, डॉ सुरेंद्र सिंह,डा नन्दन सिंह, जयप्रकाश चाहर, वीरेंद्र सिंह छोंकर, चौधरी नवल सिंह, भूपेंद्र सिंह राणा, पूर्व प्रमुख मानसिंह, मोहन सिंह चाहर,श्याम सिंह चाहर, अजीत चाहर प्रधान, देवेंद्र सिंह पूर्व प्रमुख, ओ पी वर्मा, राजन सिंह पूर्व प्रधान, राजेंद्र सिंह पूर्व प्रधान, गुड्डा प्रधान, कीर्ति पूर्व प्रधान, चौधरी दिलीप सिंह, वीरेंद्र सिंह प्रधान , जितेन्दर सिंह चाहर, प्रेम सिंह सोलंकी, गुलबीर सिंह, डा रुपेश चौधरी, सीताराम बाबा, किशन सिंह चाहर, यशपाल सिंह दरोगा जी, दिव्या मलिक, सोमा सिंह, हाकिम सिंह, जल सिंह फौजी, चंद्रवीर सिंह फौजी, मास्टर सुरजीत सिंह, जगपाल सिंह, अरुण चौधरी, सत्यपाल सिंह अत्री, आदि ने विचार व्यक्त किए आभार जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने किया।

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