लेख साहित्य

फार्मासिस्ट दिवस पर एक आलेख

फार्मासिस्ट चिकित्सा एवं ग्राहक/ रोगी की ऐसी कड़ी है, जो रोगियों के लाभ के लिए चिकित्सक के द्वारा लिखी हुई दवाइयों को समझा कर देता है। जिससे रोग निदान में समय पर फायदा मिलती है। फार्मासिस्ट दवा चिकित्सक विशेषज्ञ भी है। फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। फार्मासिस्ट को अपनी ताकत का एहसास होना चाहिए।

कोरोना काल में फार्मासिस्ट चिकित्सकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले, दवाई सही समय पर उपलब्ध करा, मरीजों का अभूतपूर्व सहयोग किया था
जिसे भुलाया नहीं जा सकताहै।केवल पर्ची लिखने से काम नहीं चलता। रोग निदान से काम नहीं चलता, जब तक समय पर रोगी को दवा नहीं मिलती, तब तक आराम नहीं मिलता। अपनी महत्ता कोरोना काल में फार्मासिस्ट खूब निभाई।

फार्मासिस्ट के बिना चिकित्सक अधूरे होते हैं औषधियों के अनुसंधान में फार्मासिस्टों का अभूतपूर्व योगदान है। आज जो नई-नई औषधियां है वह फार्मासिस्टों की ही देन है। फार्मासिस्ट के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए सरकार भी आज फार्मासिस्ट को प्रैक्टिस करने की अनुमति प्रदान कर रही है।

25 सितंबर विश्व फार्मासिस्ट दिवस है, मैं इस अवसर पर सभी फार्मा मित्रों को बधाई देता हूँ,एवं सभी से निवेदन करता हूँ, कि स्वस्थ जीवन के लिए, बीमारी रोकने के लिए, टीकाकरण के लिए, जनता को समय-समय पर सजग करें। जिन रोगियों की दवा चल रही है, उनको सही समय पर सही खुराक दवा लेने की प्रेरणा देँ।

आज दुनिया भर के फार्मासिस्ट कोविड-19 को रोकने के लिए विश्व भर में लोगों की दवा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के सहयोग से जगह-जगह पर जन औषधि केंद्र खुल रहे हैँ,जिससे सुगमता से फार्मासिस्ट द्वारा मरीजों को स्वास्थ्य लाभ हो रहा है।

डॉ. प्रेम सिंह राजावत “प्रेम”
फार्मासिस्ट
राजावत फार्मेसी आगरा

Live TV

GMaxMart.com

Our Visitor

1288702
Hits Today : 7515