लेख साहित्य

भगवान श्री क्रष्ण के अति महत्वपूर्ण पांच मंत्र : संजय साग़र

1.अगर आप अपने मन से किसी से नफरत करते हैं तो आप भी अपने मन से हमेशा दुखी रहेंगे, लेकिन अगर आप किसी से मन से प्रेम करते हैं तो आप हमेशा खुश रहेंगे। किसी दूसरे के प्रति मन में नकारात्मक भाव रखना ही दुख का कारण है।

2. जो व्यक्ति हमेशा झूठ, घमंड और अहंकार में लिप्त होते हैं वे सदैव सुखों से वंचित रहते हैं और सुख की तलाश में दर-दर भटकते रहते हैं।

3. सत्य को विभिन्न रूपों में देखा जा सकता है। त्याग और समर्पण जैसे भाव केवल सत्य बोलने वाली इंसान में ही पाए जाते हैं।

4. संकल्प, साहस और संघर्ष ही एक सत्य बोलने वाले इंसान का परिचय है। सत्य कोई मानव के विचार व बोध का श्रेष्ठतम रूप माना जाता है।

5. इंसान के कर्म ही उसके जीवन की विशेषता होते हैं। जब हम अपने अच्छे और बुरे कर्मों को भली भांति जान लेते हैं तो हमें जीवन के सारे रहस्य समझ में आ जाते हैं। !!जय श्री राधे!!

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